सेवानिवृत्ति को बनाया प्रेरणा का पर्व, भरत सिंह रावत ने विद्यालय में स्थापित कराई मां सरस्वती की प्रतिमा

 

तिलक चंद रमोला नौगांव : पीएम श्री आदर्श इंटर कॉलेज हुडोली में परिचारक पद से सेवानिवृत्त हुए भरत सिंह रावत ने अपनी 34 वर्षों की शासकीय सेवा को यादगार बनाते हुए विद्यालय परिसर में ज्ञान की अधिष्ठात्री मां सरस्वती की संगमरमर की प्रतिमा स्थापित कराई। नौ दिन पूर्व सेवानिवृत्त होने पर भरत सिंह रावत की यह पहल शिक्षा, संस्कार, पर्यावरण और विद्यालय के प्रति उनके गहरे लगाव को दर्शाती है।

भरत सिंह रावत ने शिक्षा विभाग में 34 वर्षों तक सेवाएं दीं, जिनमें 18 वर्ष पीएम श्री आदर्श इंटर कॉलेज हुडोली में रहे। सेवाकाल के दौरान उन्होंने अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने के साथ ही विद्यालय के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने विद्यालय के मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देकर उनका उत्साहवर्धन किया। वहीं विद्यालय परिसर को हरा-भरा बनाने के लिए बांझ, पीपल, नाशपाती सहित विभिन्न छायादार एवं फलदार पौधों का रोपण कराया। फूलों की सुंदर फुलवाड़ी विकसित करने में भी उनका विशेष योगदान रहा।

सेवानिवृत्ति के बाद विद्यालय को मां सरस्वती की प्रतिमा भेंट करने का उनका निर्णय शिक्षा के प्रति उनकी श्रद्धा और विद्यालय से भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाता है। प्रतिमा के लिए संगमरमर का आधार तैयार कराने के साथ ही लकड़ी की नक्काशीदार छत से युक्त सुंदर मंदिरनुमा स्थल भी बनाया गया है। विद्यालय परिसर में स्थापित मां सरस्वती की प्रतिमा अब विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, संस्कार और शिक्षा की प्रेरणा का केंद्र बनेगी।

प्रधानाचार्य ललिता प्रसाद सेमवाल, बिजेंद्र विश्वकर्मा और शांतिराम डौंरियाल ने भरत सिंह रावत के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि विद्यालय में मां सरस्वती की बहुमूल्य प्रतिमा की स्थापना से नई सोच और संस्कारों को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि भरत सिंह रावत की कार्यनिष्ठा, पर्यावरण के प्रति जागरूकता और विद्यालय के प्रति समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा। सेवानिवृत्ति के बाद भी विद्यालय से अपना जुड़ाव बनाए रखने की उनकी पहल अनुकरणीय है।

शिक्षक-अभिभावक संघ के अध्यक्ष अरविंद नेगी और एसएमसी अध्यक्षा पार्वती चौहान ने कहा कि भरत सिंह रावत ने सेवाकाल के दौरान विद्यालय के लिए जो संकल्प लिया, उसे पूरा किया है। उनके द्वारा छोड़ी गई इस धरोहर को संजोकर रखना विद्यालय परिवार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि विद्यालय के विकास में उनका सहयोग हमेशा याद रखा जाएगा।

कार्यक्रम में ग्राम प्रधान सुनारा धीरेंद्र राणा, विधालय अध्यापक चंदन चौहान, अनिल, गौरव, निशा, बबीता, विजेता, कुसुमलता, पवन रावत सहित विद्यालय परिवार, शिक्षक-कर्मचारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित

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