सुमेश कुमार/ रमोला न्यूज़ ब्यूरो
चंडीगढ़, 1 सितंबर, :
पंजाब के राज्यपाल एवं यू.टी. चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया ने आज एक बैठक में सरकारी स्कूलों के शैक्षणिक प्रदर्शन की समीक्षा की। बैठक में पंजाब के राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव श्री विवेक प्रताप सिंह, शिक्षा सचिव सुश्री प्रेरणा पुरी, स्कूल शिक्षा निदेशक श्री नितिन सिंगला तथा 13 स्कूलों का प्रतिनिधित्व करने वाले 12 प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान, श्री कटारिया ने स्कूलों के प्रदर्शन और छात्रों के शैक्षणिक परिणामों को प्रभावित करने वाले कारकों पर चर्चा की तथा उन क्षेत्रों पर प्रधानाचार्यों से सुझाव मांगे जिन पर विशेष ध्यान और सहयोग की आवश्यकता है।
प्रशासक ने छात्रों की नियमित उपस्थिति, सीखने के स्तर में आने वाले अंतर (लर्निंग गैप्स) की पहचान करने, उपचारात्मक शिक्षण (रेमेडियल टीचिंग) व शैक्षणिक सहयोग के माध्यम से कमजोर छात्रों पर विशेष ध्यान देने और छात्रों की प्रगति की निरंतर निगरानी के महत्व पर बल दिया। उन्होंने स्टाफ की उपलब्धता, बुनियादी ढांचे की आवश्यकताओं, छात्रों के स्थानांतरण/पलायन और अभिभावकों की भागीदारी जैसे मुद्दों की भी समीक्षा की, जिनका असर स्कूल के प्रदर्शन पर पड़ सकता है।
श्री कटारिया ने आवश्यकतानुसार अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण पर जोर दिया और निर्देश दिया कि शिक्षण एवं अधिगम को मजबूत करने के लिए पेरिफेरी (बाहरी/सीमावर्ती) क्षेत्रों के स्कूलों में पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार के लिए मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान करने हेतु प्रतिष्ठित सेवानिवृत्त व्यक्तियों द्वारा प्रत्येक स्कूल की नियमित मेंटरिंग की आवश्यकता पर भी बल दिया।
श्री कटारिया ने छात्रों के सर्वांगीण विकास के हिस्से के रूप में उन्हें खेल, व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और अन्य सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों में अवसर प्रदान करने के महत्व को भी रेखांकित किया।
प्रशासक ने अधिकारियों और स्कूल प्रमुखों को चिन्हित क्षेत्रों पर सामूहिक रूप से कार्य करने, मौजूदा पहलों को सुदृढ़ करने और सीखने के परिणामों में सुधार लाने तथा छात्रों को एक सहायक एवं समग्र शैक्षणिक वातावरण प्रदान करने के लिए नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए।

