रमोला न्यूज़ ब्यूरो
चंडीगढ़, 6 अक्टूबर। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश तथा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पंजाब के मुख्यमंत्री के ओएसडी और उनके सहयोगियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए एफआईआर दर्ज की है। सीबीआई के अनुसार आरोप है कि आर्थिक लाभ के बदले आईएएस और आईपीएस अधिकारियों समेत विभिन्न अधिकारियों की नियुक्तियों एवं पदस्थापन को प्रभावित करने, विभागीय कार्यवाही, नीति निर्माण, प्रशासनिक मंजूरियों, टेंडर शर्तों, लाइसेंसिंग मामलों, भूमि उपयोग परिवर्तन, संपत्ति विवादों तथा राजस्व एवं भूमि से जुड़े मामलों में कथित तौर पर हस्तक्षेप और हेरफेर किया गया।
सीबीआई ने इस मामले में छह आरोपियों को नामजद किया है। इनमें पंजाब के मुख्यमंत्री के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी) राजबीर घुम्मन, नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर, आर.एस. नागरा तथा अज्ञात सरकारी अधिकारियों और निजी व्यक्तियों का भी उल्लेख किया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार आरोप यह भी है कि कुछ आरोपी सरकारी अधिकारियों ने सरकार की ओर से आदेश और नीतियां जारी होने से पहले उनके मसौदे कथित तौर पर निजी व्यक्तियों तक पहुंचाए और उपलब्ध कराए।
एफआईआर दर्ज करने के बाद सीबीआई ने आरोपियों से जुड़े परिसरों पर व्यापक और समन्वित तलाशी अभियान चलाया। यह तलाशी चंडीगढ़, मोहाली, गुरदासपुर, लुधियाना, पटियाला, संगरूर और जालंधर में कुल आठ स्थानों पर की गई। तलाशी के दौरान लैपटॉप, मोबाइल फोन और विभिन्न दस्तावेजों सहित कथित रूप से महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद कर जब्त किए गए हैं। सीबीआई इन सामग्रियों की जांच कर रही है ताकि रिश्वतखोरी और कथित अनियमितताओं से जुड़े साक्ष्यों का पता लगाया जा सके।
सीबीआई ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है। जांच एजेंसी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि रिश्वतखोरी में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

