हेमंत कुमार (रमोला न्यूज़ ब्यूरो )
कालका, 6अक्तूबर
कालका के पूर्व विधायक एवं कांग्रेस नेता प्रदीप चौधरी ने राजस्व विभाग के इंतकाल रिकॉर्ड में आम लोगों की समझ के अनुरूप हिंदी भाषा का प्रयोग करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पुराने राजस्व रिकॉर्ड, जमाबंदी और इंतकाल में हिंदी का व्यापक रूप से इस्तेमाल होता रहा है। ऐसे में डिजिटल व्यवस्था में तैयार होने वाले रिकॉर्ड में भाषा ऐसी होनी चाहिए, जिसे किसान और जमीन मालिक आसानी से समझ सकें। उन्होंने कहा कि जमीन से जुड़े दस्तावेज बेहद महत्वपूर्ण होते हैं और इनमें दर्ज जानकारी समझने के लिए आम लोगों को किसी दूसरे व्यक्ति पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।
प्रदीप चौधरी ने कहा कि हरियाणा सरकार की ओर से राजस्व रिकॉर्ड को डिजिटल और सरल बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन इसके साथ भाषा को लेकर भी स्पष्टता जरूरी है। उन्होंने मांग की कि नए इंतकाल की प्रति हिंदी में सरल एवं स्पष्ट प्रारूप में उपलब्ध कराई जाए, ताकि लोगों को यह समझने में परेशानी न हो कि उनकी जमीन के रिकॉर्ड में क्या दर्ज किया गया है।

