सुमेश कुमार
रमोला न्यूज़ ब्यूरो
चंडीगढ़, 23 अक्टूबर, :
चंडीगढ़ प्रशासन और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आज एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इसका उद्देश्य एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर (आईजीएसटी) सहित कर राजस्व जमा करने और उसके प्रबंधन के लिए एक व्यवस्थित व्यवस्था स्थापित करना है। इस पहल से कर संग्रह की निगरानी और मिलान प्रक्रिया में सुधार होगा तथा सरकारी राजस्व के प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।
चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से उपायुक्त-सह-आबकारी एवं कराधान आयुक्त श्री निशांत कुमार यादव, आईएएस, और भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से सरकारी एवं बैंक लेखा विभाग के मुख्य महाप्रबंधक श्री शिवकुमार बोस ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर आबकारी एवं कराधान विभाग तथा भारतीय रिजर्व बैंक के अधिकारी भी उपस्थित थे।
यह समझौता लागू होने वाले आईजीएसटी को जमा करने के लिए एक औपचारिक व्यवस्था प्रदान करेगा। यह व्यवस्था व्यापारियों के लिए उपलब्ध भुगतान सुविधाओं के अधीन होगी। इसके तहत कर संग्रह प्रणाली से सरकारी खातों में कर राजस्व के हस्तांतरण का प्रबंधन भी किया जाएगा।
इस व्यवस्था से आबकारी एवं कराधान विभाग को प्राप्तियों और उपलब्ध शेष राशि की अधिक व्यवस्थित निगरानी करने, कर संग्रह का मिलान करने तथा निर्धारित रिपोर्टिंग प्रक्रियाओं के माध्यम से किसी भी विसंगति की पहचान करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
श्री निशांत कुमार यादव ने कहा, “भारतीय रिजर्व बैंक के साथ यह समझौता ज्ञापन चंडीगढ़ में कर राजस्व के प्रबंधन के लिए अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भुगतान और मिलान संबंधी सुविधाएं उपलब्ध होने के बाद प्रशासन को राजस्व की अधिक व्यवस्थित निगरानी करने में मदद मिलेगी। इससे व्यापारियों के लिए कर भुगतान की प्रक्रिया भी अधिक सुविधाजनक और विश्वसनीय बनेगी। इस पहल में सहयोग के लिए हम भारतीय रिजर्व बैंक के आभारी हैं।”
समझौते के प्रमुख लाभ:
* जीएसटी जमा करने की व्यवस्थित व्यवस्था: व्यापारियों के लिए उपलब्ध भुगतान सुविधाओं के अधीन लागू आईजीएसटी जमा करने की एक निर्धारित व्यवस्था स्थापित होगी।
* कर संग्रह का बेहतर मिलान: प्रशासन कर प्राप्तियों का अधिक व्यवस्थित तरीके से मिलान कर सकेगा और विसंगतियों को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठा सकेगा।
* बेहतर निगरानी: आबकारी एवं कराधान विभाग को प्राप्तियों और उपलब्ध शेष राशि पर अधिक व्यवस्थित नजर रखने में सहायता मिलेगी।
* औपचारिक कार्यप्रणाली: कर राजस्व के हस्तांतरण और प्रबंधन के लिए एक निर्धारित व्यवस्था उपलब्ध होगी।
विश्वसनीय कर संग्रह प्रक्रिया: उपयुक्त भुगतान और मिलान सुविधाएं लागू होने पर कर भुगतान एवं संग्रह की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और विश्वसनीय बनने की उम्मीद है।

