एनआरआई द्वारा शादी से पहले गंभीर बीमारी छिपाकर धोखे से विवाह करने व 73 लाख रुपए की ठगी का आरोप

 

चंडीगढ़, 20 जुलाई (हरमिंदर नागपाल रामोला न्यूज)

पंजाब के मुकेरियां के गांव टांडा रामसहाय निवासी दलजीत कौर ने पंजाब के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग और पंजाब राज्य महिला आयोग को अपनी बेटी की शादी में गंभीर बीमारी छिपाकर कथित धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए एक शिकायत भेजकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। दलजीत कौर के अनुसार उनकी बेटी रमनदीप कौर की शादी इस साल 14 जनवरी को कपूरथला जिले के बेगोवाल निवासी अरुणदीप सिंह के साथ हुई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि विवाह से पहले लड़के और उसके परिवार ने यह तथ्य जानबूझकर छिपाया कि वह लंबे समय से ब्रेन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित था और उसे दौरे भी पड़ते थे।

परिवार का दावा है कि बाद में उन्हें पता चला कि वर्ष 2021 में लड़के की एक बड़ी सर्जरी हुई थी और वर्ष 2025 में दोबारा ऑपरेशन किया गया था। आरोप लगाया गया है कि डॉक्टरों द्वारा स्वास्थ्य की गंभीर स्थिति बताए जाने के बावजूद उन्हें यह जानकारी विवाह से पहले नहीं दी गई।

शिकायतकर्ता के अनुसार शादी में करीब 11 तोला सोना, लगभग 23 लाख रुपए की थार गाड़ी, 6 से 7 लाख रुपए शगुन और अन्य खर्चों सहित करीब 73 लाख रुपए खर्च किए गए। उन्होंने दावा किया कि सोना देने की वीडियो, शादी की रिकॉर्डिंग और अन्य दस्तावेज उनके पास साक्ष्य के रूप में मौजूद हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि लड़के का पूरा परिवार उसकी बीमारी से पहले से अवगत था, लेकिन इसके बावजूद जानकारी छिपाकर विवाह कराया गया। परिवार ने यह भी मांग की है कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए।

 

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महिला आयोग के आदेश के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप –

 

दलजीत कौर ने शिकायत में कहा है कि पंजाब राज्य महिला आयोग ने मामले की सुनवाई करते हुए लड़के पक्ष को तलब किया था, लेकिन वे कथित तौर पर दुर्घटना का हवाला देकर पेश नहीं हुए। शिकायत के अनुसार आयोग ने जांच प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए पासपोर्ट संबंधी कानूनी कार्रवाई के निर्देश भी दिए थे, लेकिन इसके बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

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पुलिस की भूमिका पर भी सवाल। –

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि होशियारपुर और कपूरथला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर भी अब तक कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि मामला लगातार एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय भेजा जा रहा है, जिससे उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा।

 

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मुख्यमंत्री से उच्चस्तरीय जांच की मांग –

शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से पूरे मामले की स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराने, महिला आयोग के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने, स्थानीय पुलिस की भूमिका की जांच कराने तथा जांच के दौरान आरोपित पक्ष के विदेश जाने की संभावना को देखते हुए आवश्यक कानूनी कदम उठाने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने अपनी बेटी और पूरे परिवार को न्याय, सुरक्षा और कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की भी अपील की है।

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