कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश के लिए 24,815 करोड़ रुपए के दो महत्वपूर्ण रेलवे प्रोजेक्ट्स को दी मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शनिवार को हुई आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश के लिए 24,815 करोड़ रुपए की लागत वाली रेलवे के दो बड़े मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी।

इन प्रोजेक्ट्स के तहत दोनों राज्यों के 15 जिलों में रेलवे नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा, जिससे भारतीय रेलवे का नेटवर्क करीब 601 किलोमीटर तक बढ़ जाएगा। इसमें गाजियाबाद-सीतापुर के बीच तीसरी और चौथी लाइन (403 किमी) और राजमुंद्री (निदादवोलू)–विशाखापत्तनम (दुव्वाडा) के बीच तीसरी और चौथी लाइन (198 किमी) शामिल हैं।

सरकार का कहना है कि इन प्रोजेक्ट्स से देश के कई प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान हो जाएगी। इनमें दूधेश्वरनाथ मंदिर, गढ़मुक्तेश्वर गंगा घाट, अमरोहा की दरगाह शाह विलायत जामा मस्जिद, नैमिषारण्य (सीतापुर), अन्नवरम, अंतरवेदी और द्राक्षारामम जैसे स्थान शामिल हैं। ये रेल मार्ग कोयला, अनाज, सीमेंट, पेट्रोलियम उत्पाद (पीओएल), लोहा-इस्पात, कंटेनर, उर्वरक, चीनी, रसायन और चूना पत्थर जैसे जरूरी सामानों की ढुलाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।

गाजियाबाद-सीतापुर रूट पहले से ही डबल लाइन है और यह दिल्ली-गुवाहाटी हाई डेंसिटी नेटवर्क का अहम हिस्सा है। इस रूट पर 14,926 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा, जिससे उत्तर और पूर्वी भारत के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।

यह प्रोजेक्ट गाजियाबाद (मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा), मुरादाबाद (पीतल और हस्तशिल्प), बरेली (फर्नीचर, टेक्सटाइल), शाहजहांपुर (कालीन और सीमेंट) और रोजा (थर्मल पावर प्लांट) जैसे बड़े औद्योगिक केंद्रों से होकर गुजरेगा।

भीड़भाड़ कम करने के लिए इस प्रोजेक्ट में हापुड़, सिम्भावली, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, शाहजहांपुर और सीतापुर जैसे स्टेशनों को बायपास किया जाएगा। इसके लिए छह नए स्टेशन भी बनाए जाएंगे।

वहीं, राजमुंद्री-विशाखापत्तनम रूट हावड़ा-चेन्नई हाई डेंसिटी नेटवर्क का हिस्सा है। इस पर 9,889 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे और यह ईस्ट कोस्ट रेल कॉरिडोर का एक व्यस्त माल ढुलाई मार्ग है।

यह प्रोजेक्ट आंध्र प्रदेश के ईस्ट गोदावरी, कोनसीमा, काकीनाडा, अनाकापल्ले और विशाखापत्तनम जिलों से होकर गुजरेगा। साथ ही, यह अन्नवरम, अंतरवेदी और द्राक्षारामम जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच को और आसान बनाएगा। सरकार का मानना है कि इन रेलवे परियोजनाओं से न केवल माल ढुलाई और कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा

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