प्रधानमंत्री के विकसित भारत के विजन को साकार करने की राह दिखाएगा स्थानीय निकायों का राष्ट्रीय सम्मेलन: नायब सिंह सैनी

 

 

चंडीगढ़, 3 जुलाई–हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को मानेसर में शहरी स्थानीय निकायों के अध्यक्षों के प्रथम राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि इस राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी हरियाणा को मिली है। इस सम्मेलन में हम सब अपने लोकतंत्र को मजबूत करने तथा राष्ट्र निर्माण में शहरी स्थानीय निकायों की भूमिका पर विचार मंथन कर रहे हैं। यह विषय हमारे लोकतंत्र की जड़ों को सींचने और माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत- 2047 के विजन को साकार करने की राह दिखाता है।

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि शहरी स्थानीय निकाय लोकतंत्र की प्रथम पाठशाला और नर्सरी हैं। लोकतंत्र की जड़ें स्थानीय स्तर पर जितनी गहरी होंगी, हमारा राष्ट्र उतना सशक्त बनेगा। अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर नागरिकों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान करता है तो आमजन को लगता है कि उसने अपने स्थानीय निकाय की बागडोर सही हाथों में सौंपी है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-विकसित हरियाणा, विकसित नगरों से ही बनेगा। इसलिए, हमने हरियाणा में विजन-2047 के तहत एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने और 50 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा है।

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि साइबर सिटी गुरुग्राम शहरी विकास का एक मॉडल है। इसके साथ लगते 180 किलोमीटर लंबे के.एम.पी. कॉरिडोर के साथ पंच ग्राम योजना के तहत ऐसे ही 5 अति आधुनिक शहर बसाने की परियोजना पर काम कर रहे हैं। यह योजना वर्ष 2050 तक 75 लाख जनसंख्या के लिए बनाई गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अमरुत योजना के तहत शहरों में बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। हरियाणा में सभी परिवारों का पहचान पत्र बनाया गया है और इससे सभी सरकारी योजनाओं को जोड़ दिया है। अब इन योजनाओं का लाभ नागरिकों को घर द्वार पर ही मिल रहा है। पिछले दिनों प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जिस स्वामित्व योजना को पूरे देश में लागू किया है, उस योजना को हरियाणा ने शत-प्रतिशत लागू कर दिया है। इसके साथ-साथ हरियाणा में नगर दर्शन पोर्टल की शुरुआत भी की गई है।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि शहरी स्थानीय निकायों को सशक्त और पारदर्शी बनाना बेहद जरूरी है। इसके लिए हरियाणा में ई गवर्नेंस को तेजी से अपनाया जा रहा है। हरियाणा के हर निगम में डिजिटल पोर्टल के माध्यम से काम किया जा रहा है। एआई के माध्यम से समस्याओं के समाधान हो रहे हैं। संपत्ति कर, बिजली के बिल, ठोस कूड़ा प्रबंधन जैसे विषयों पर प्राथमिकता से कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का मूल मंत्र है विकास भी और पर्यावरण भी। इसके लिए हमें रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, ग्रीन बिल्डिंग, सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को प्राथमिकता देनी होगी। हर नगर निकाय को एक ग्रीन एक्शन प्लान तैयार करना होगा। जल संकट से निपटने के लिए अमृत सरोवर और जल जीवन मिशन जैसे अभियानों को हरियाणा गति दे रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता केवल मिशन नहीं, बल्कि हमारे संस्कारों का हिस्सा बने। स्वच्छ भारत मिशन का पहला चरण जन-जागरूकता था, दूसरा चरण इन्फ्रास्ट्रक्चर है, अब तीसरा चरण संस्कार होना चाहिए। शहरों को कचरा मुक्त करने के लिए शत-प्रतिशत सोर्स सेग्रीगेशन, बायो-सीएनजी और सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि शहर स्लम मुक्त हो। गरीब को पक्का मकान, स्वच्छ पानी, अच्छी बुनियादी सुविधाएं और पूरा सम्मान मिले। इस दिशा में पी.एम. आवास योजना के तहत गरीब परिवारों के लिए देश में 4 करोड़ से अधिक पक्के मकान बन चुके हैं। हरियाणा में प्रथम चरण में कुंडली और मानेसर औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के लिए 148 डोरमेट्री यूनिट्स का निर्माण किया है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के सपने को धरातल पर उतारने में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे।

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