प्राइवेट बैंको द्वारा सेंकड़ों करोड़ रुपये के सरकारी धन के गबन एवं घोटालों ने बैंकों की विश्वसनीयता एवं साख पर लगाया सवालिया निशान -ओ पी सिहाग

 

नगर निगम ने य़ह सारा पैसा करों के रूप में पंचकूला की जनता से उनकी खून पसीना बहा कर कमाई गई गाढ़ी राशि से वसूला गया। 

पंचकूला, 25 मार्च: पहले आई डी एफ सी फर्स्ट बैंक का 590 करोड़ रुपये का घोटाला अब कोटक महिंद्रा बैंक पर नगर निगम पंचकूला के 160 करोड़ रुपये के गबन के आरोप । बैंक जो किसी भी व्यक्ति या संस्था के पैसे या क़ीमती चीजों को सुरक्षित रखने के लिए सबसे ज्यादा विश्वसनीय माने जाते हैं । पिछले दिनों दो प्राइवेट बैंकों द्वारा फ्रॉड किए जाने के कारण उनकी विश्वसनीयता एवं साख पर बट्टा लगा है। जजपा पंचकूला ज़िला अध्यक्ष ओ पी सिहाग ने कहा कि आर बी आई द्वारा मान्यता प्राप्त दोनों प्राइवेट बैंकों के अधिकारियों/कर्मचारियों जो इन करोडों रुपये के घोटालों एवं गबन में शामिल है तथा इन घोटालों में शामिल सरकारी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किये जाने की जरूरत है।

जजपा ज़िला अध्यक्ष ओ पी सिहाग एवं ज़िला कार्यालय सचिव सुरिन्दर चड्डा ने आज प्रेस के सामने बैंकों द्वारा ऐसा अकल्पनीय फ्रॉड एवं धोखा किये जाने पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि जिन सरकारी विभागों के करोडों रुपये का गबन हुआ है इतने सालों तक उसके जिम्मेदार अधिकारी क्या कर रहे थे? क्यों नहीं उन्होंने समय-समय पर इस बारे पूरी जानकारी नहीं ली? ये सारा पैसा पब्लिक द्वारा विभिन्न करों के रूप में नगर निगम को दिया गया है। उन्होंने प्रदेश सरकार तथा पुलिस से आग्रह किया है कि जो करोडों रुपये कुछ फ्रॉड किस्म के बैंक या सरकारी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने डकारे हैं उनसे सख्ती से वो रुपये रिकवर करके सरकारी खजाने में जमा करवाए जाये, पूरी पारदर्शिता के साथ जांच करके दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।उन्होंने आर बी आई के अधिकारियों से अनुरोध किया है कि जितने प्राइवेट बैंकों को मान्यता दी गई है उसकी अच्छी तरह से दोबारा जांच की जाए। उन्होंने कहा कि जो प्राइवेट बैंक आर बी आई की कसौटी पर खरे नहीं उतरते हैं उनकी मान्यता रद्द की जाए ताकि इस तरह के फ्रॉड बैंकिंग क्षेत्र में न हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *