राज्यपाल ने चंडीगढ़ में निःशुल्क इंटीग्रेटेड फिटमेंट कैंप का उद्घाटन किया

सुमेश कुमार /रमोला न्यूज़
चंडीगढ़, 11 मई: पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया ने समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग, चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति (जयपुर फुट) के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय निःशुल्क इंटीग्रेटेड असेसमेंट-कम-फिटमेंट कैंप का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एवं प्रशासक की सलाहकार समिति के अध्यक्ष श्री सत्य पाल जैन विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

11 से 13 मई तक सेक्टर-19 बी स्थित कम्युनिटी सेंटर में आयोजित इस शिविर में पात्र लाभार्थियों को एक ही स्थान पर जांच, माप एवं फिटमेंट सेवाओं के माध्यम से निःशुल्क कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पीजीआईएमईआर, जीएमसीएच-32 एवं जीएमएसएच-16 के चिकित्सकों ने भी शिविर का निरीक्षण किया। शिविर के पहले दिन विभिन्न राज्यों से 40 से अधिक दिव्यांगजन पंजीकृत हुए।

सभा को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि दिव्यांगजन समाज का अभिन्न एवं सक्षम हिस्सा हैं और उन्हें केवल सहानुभूति नहीं, बल्कि सम्मान, समान अवसर और सुगम वातावरण प्रदान किया जाना चाहिए। उन्होंने वर्ष 1975 में श्री डी.आर. मेहता द्वारा स्थापित विश्व प्रसिद्ध ‘जयपुर फुट’ पहल की सराहना करते हुए कहा कि संस्था 25 लाख से अधिक दिव्यांगजनों का पुनर्वास कर चुकी है तथा अपनी मानवीय सेवाओं के लिए संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद से ‘स्पेशल कंसल्टेटिव स्टेटस’ प्राप्त कर चुकी है।

भारत की सेवा और त्याग की परंपरा का उल्लेख करते हुए श्री कटारिया ने मानवता और मानवीय मूल्यों की रक्षा हेतु गुरु तेग बहादुर जी के सर्वोच्च बलिदान को याद किया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित ‘सुगम्य भारत अभियान’, एडिप योजना, यूनिक डिसएबिलिटी आईडी परियोजना तथा दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से अब तक 32 लाख से अधिक दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा चुके हैं।

भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति (जयपुर फुट) के सचिव एवं MD डॉ. दीपेंद्र मेहता ने कहा कि दिव्यांगजनों के शारीरिक पुनर्वास के साथ-साथ आर्थिक पुनर्वास भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसर ही दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और सम्मानपूर्ण जीवन प्रदान करते हैं।

इस अवसर पर समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव सुश्री अनुराधा एस. चगती तथा निदेशक सुश्री राधिका सिंह भी उपस्थित थीं।

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