सुरेंद्र सिंह
कालका 26 मार्च 2
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा हिमाचल एंट्री टोल टैक्स बढ़ाये जाने पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शिवालिक विकास मंच प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व हरियाणा प्रदेश सचिव विजय बंसल एडवोकेट
हरियाणा के सीमावर्ती क्षेत्र कालका के निवासियों को हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा एंट्री टोल टैक्स में की गई बढ़ोतरी का सीधा असर झेलना पड़ेगा है इसलिए हिमाचल सरकार को अपने फैसले पर पुनर्विचार कर सीमावर्ती इलाके के लोगों को टोल टैक्स में विशेष छूट देनी चाहिए। विजय बंसल ने कहा कि बद्दी, बरोटीवाला, नालागढ़ और परवाणू के सीमावर्ती हरियाणा के इलाके पिंजौर एवं आसपास के क्षेत्र में रहने वाले अधिकतर लोग रोजमर्रा के कामकाज, व्यापार और नौकरी के सिलसिले में हिमाचल प्रदेश के क्षेत्रों में आने-जाने वाले लोगों के लिए यह वृद्धि आर्थिक बोझ बन सकती है इसलिए सीमावर्ती इलाके के लोगों को विशेष रियायत देकर एंट्री टोल टैक्स कम किया जाए। विजय बंसल एडवोकेट ने बताया कि विगत 30 अक्टूबर 2024 को पूर्व डिप्टी सीएम चंद्र मोहन एवं खुद विजय बंसल एडवोकेट और एनएसयूआई के वरिष्ठ नेता दीपांशु बंसल एडवोकेट का एक प्रतिनिधिमंडल हिमाचल मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू से व्यक्तिगत तौर पर मिलकर टोल टैक्स में छूट देने की मांग की थी अगर आवश्यकता पड़ी तो वह मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत तौर पर दोबारा मिलेंगे। गौरतलब है कि इससे पूर्व भी पंचकूला- शिमला नेशनल हाईवे पर चंडीमंदिर स्थित बनाए गए टोल टैक्स में विशेष रियायत दिलाने के लिए शिवालिक विकास मंच प्रदेश अध्यक्ष विजय बंसल एडवोकेट ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर पिंजौर, कालका, पंचकूला के आसपास के लोगों को टोल टैक्स में विशेष छूट दिलवाने का काम किया था। जिसका परिणाम है कि अब चंडी मंदिर टोल प्लाजा के 10 किलोमीटर दायरे में रहने वाले लोगों को केवल 150 रुपए मासिक शुल्क ही देना पड़ता है।
विजय बंसल एडवोकेट का कहना है कि पिंजौर, कालका से सटे हिमाचल के इलाकों बद्दी नालागढ़ और परवाणु में बड़ी संख्या में लोग दैनिक आवागमन करते हैं। टैक्स बढ़ने से अब उन्हें हर दिन अतिरिक्त खर्च करना पड़ सकता है, जिससे उनके मासिक बजट पर दबाव बढ़ जाएगा। विजय बंसल ने कहा कि बद्दी, नालागढ़ औद्योगिक क्षेत्र एवं परवाणु की कंपनियों में कार्यरत अधिकतर कर्मचारी हिमाचल प्रदेश के निवासी हैं जो पिंजौर एवं आसपास के क्षेत्र में रहते हैं बढ़े हुए टोल टैक्स की सबसे अधिक बार उन्ही पर पड़ेगी इतना ही नहीं हरियाणा एवं आसपास के क्षेत्र के लोगों की दुकान और कई कंपनियां हिमाचल प्रदेश में है उन पर भी इस बड़े हुए टोल टैक्स की मार पड़ेगी। विजय बंसल एडवोकेट ने कहा कि क्योंकि खासकर छोटे व्यापारियों, टैक्सी चालकों और नौकरीपेशा लोगों के लिए यह स्थिति ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो जाएगी। विजय बंसल ने कहा कि बढ़े हुए टोल के कारण माल ढुलाई की लागत भी बढ़ेगी जिसका असर सीधे तौर पर वस्तुओं की कीमतों पर पड़ सकता है। इससे न केवल कारोबार प्रभावित होगा बल्कि उपभोक्ताओं को भी महंगाई का सामना करना पड़ सकता है।
विजय बंसल ने कहा कि बद्दी, नालागढ़ औद्योगिक क्षेत्र को हिमाचल प्रदेश की आर्थिक राजधानी( फाइनेंशियल कैपिटल) के तौर पर देखा जाता है हिमाचल के कुल बजट का अधिकतर हिस्सा यहीं के औद्योगिक क्षेत्र से जाता है यदि हिमाचल प्रदेश के विकास में अपना योगदान देने वाले कर्मचारी व्यापारियों एवं अन्य लोगों पर इस बड़े ही हुए टोल टैक्स का असर पड़ा तो लोगों सहित राज्य सरकार पर भी इसका असर पड़ेगा। क्योंकि हिमाचल के औद्योगिक क्षेत्र में दुकानदार व्यापारी और कंपनियों में अपनी सेवाएं देकर कर्मचारी प्रदेश का राजस्व बढ़ाने में अपना योगदान देते हैं।
विजय बंसल एडवोकेट ने कांग्रेस की सुखविंदर सुक्खू सरकार से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग करते हुए कहा है कि सीमावर्ती क्षेत्रों के 10 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों के लिए विशेष रियायत या पास की व्यवस्था की जाए ताकि उन्हें बार-बार और अधिक टोल टैक्स न देना पड़े। क्योंकि स्थानीय लोगों का कहना है कि वे रोजाना सीमा पार करते हैं, इसलिए उनके लिए अलग से नीति बनाई जानी चाहिए।
विजय बंसल ने कहा कि बेशक सरकार ने टोल दरों में बढ़ोतरी राज्य के राजस्व को मजबूत करने के उद्देश्य से की है। हालांकि सीमावर्ती प्रभावित लोगों की समस्याओं को देखते हुए इस मुद्दे पर पुर्नविचार करना चाहिए।
विजय बंसल ने कहा कि कुल मिलाकर, टोल टैक्स में वृद्धि से कालका के लोगों के लिए आर्थिक और व्यावहारिक कठिनाइयां बढ़ सकती हैं, जिससे वे लोग राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

