रोमी सिंह /रमोला न्यूज़
नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी के ही कुछ नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सांसद राघव चड्ढा ने आज एक आधिकारिक बयान जारी कर इन्हें “निराधार, दुर्भावनापूर्ण और राजनीति से प्रेरित” करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ फैलाया जा रहा यह प्रचार कि उन्होंने संसद में पंजाब के मुद्दे नहीं उठाए, आधिकारिक संसदीय रिकॉर्ड के बिल्कुल विपरीत है।
राघव चड्ढा ने कहा, “जो कोई भी संसद की कार्यवाही का अनुसरण करता है, वह सच्चाई जानता है। मेरा संसदीय रिकॉर्ड किसी की व्यक्तिगत राय नहीं, बल्कि एक सार्वजनिक दस्तावेज है जो सिद्ध करता है कि मैंने हमेशा पंजाब के हितों के लिए आवाज बुलंद की है।”
*संसदीय रिकॉर्ड का हवाला*
चड्ढा ने विशेष रूप से 31 जुलाई 2024 की संसदीय कार्यवाही का उल्लेख किया, जहाँ उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा रोके गए पंजाब के बकाया फंडों का मुद्दा जोरदार ढंग से उठाया था। उन्होंने कहा कि इसके प्रमाण ‘संसद टीवी’ पर भी उपलब्ध हैं।
(https://youtu.be/3vcQyuZjyGI?si=TEsJwq47r5TiqDwo&t=537)
उन्होंने बताया कि उन्होंने लगातार पंजाब से जुड़े गंभीर विषयों की पैरवी की है, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं: पंजाब के बकाया रूरल डेवलपमेंट फंड को जारी करने की मांग, एमएसपी (MSP) की कानूनी गारंटी और खेती की बढ़ती लागत का मुद्दा, गिरता भू-जल स्तर और नशे की गंभीर समस्या, पंजाब के साथ हो रहा आर्थिक अन्याय और राज्यों के अधिकारों की रक्षा, करतारपुर साहिब कॉरिडोर का विस्तार और ननकाना साहिब के लिए वीजा-मुक्त यात्रा की मांग।
सांसद ने कहा कि उनकी कार्यशैली “शोर-शराबे” वाली नहीं बल्कि “तथ्यों और गंभीरता” वाली है। उन्होंने इस बात पर खेद व्यक्त किया कि पार्टी के भीतर से ही उनके विरुद्ध गलत जानकारी फैलाने का अभियान चलाया जा रहा है।
बयान के अंत में राघव चड्ढा ने भावुक होते हुए कहा कि पंजाब उनके लिए सिर्फ एक राजनीतिक क्षेत्र नहीं, बल्कि उनकी ‘रूह’ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी दुष्प्रचार उनकी आवाज को दबा नहीं सकता और वे भविष्य में भी पंजाब के हकों के लिए ईमानदारी और निडरता से लड़ते रहेंगे।
उन्होंने उम्मीद जताई कि लोकतंत्र में राजनीतिक लाभ के लिए झूठे आरोप लगाने के बजाय तथ्यों पर आधारित स्वस्थ चर्चा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
