रोमी सिंह/ रमोला न्यूज़
पंचकूला
पंचकूला नगर निगम चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। भाजपा द्वारा मेयर उम्मीदवारों की सूची जारी किए जाने के बाद शहर की सियासत में नई हलचल देखने को मिल रही है। इसी बीच भाजपा को उस समय बड़ा झटका लगा जब वार्ड नंबर 13 से टिकट के दावेदार रहे विपिन लिड्डो व वार्ड 2 चारू चावला ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया।
विपिन लिड्डो व चारू चावला के कांग्रेस में शामिल होने से न केवल राजनीतिक समीकरण बदले हैं, बल्कि भाजपा के लिए यह एक बड़ा नुकसान माना जा रहा है। लिड्डो अपने क्षेत्र में एक सक्रिय समाजसेवी के रूप में पहचान रखते हैं और उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। उनके साथ उनकी पूरी टीम ने भी कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की, जिससे इस राजनीतिक घटनाक्रम का प्रभाव और अधिक बढ़ गया है।
कांग्रेस में शामिल होने वालों में निर्मल चंद धीमान, विनय अरोड़ा, सुनील चावला ,संजीव गुप्ता, रविन्द्र राठौड़ और रणजीत सिंह भी प्रमुख रूप से शामिल रहे। इन सभी नेताओं के एक साथ कांग्रेस में आने से पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, इस महत्वपूर्ण जॉइनिंग को कराने में कांग्रेस नेता नवीन बंसल की अहम भूमिका रही। उनकी पहल और प्रयासों के चलते ही यह राजनीतिक बदलाव संभव हो पाया, जिसे कांग्रेस के लिए एक बड़ी रणनीतिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
इस दौरान पंचकूला के विधायक चंद्रमोहन बिश्नोई भी मौजूद रहे। उन्होंने विपिन लिड्डो व चारू चावला का कांग्रेस परिवार में स्वागत करते आगामी नगर निगम चुनाव में वार्ड नंबर 14 से विपिन लिड्डो व चारू चावला को वार्ड 2 से कांग्रेस प्रत्याशी घोषित किया।
विपिन लिड्डो ने कांग्रेस में शामिल होने के बाद कहा कि वे पार्टी की नीतियों और नेतृत्व से प्रभावित होकर यह निर्णय लिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि कांग्रेस के साथ मिलकर वे क्षेत्र के विकास और जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम से पंचकूला नगर निगम चुनाव में मुकाबला और अधिक दिलचस्प हो गया है। जहां एक ओर भाजपा को इस बदलाव से झटका लगा है, वहीं कांग्रेस को इससे मजबूती मिलती नजर आ रही है। आने वाले दिनों में चुनावी परिदृश्य किस दिशा में जाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
