रोमी सिंह/ रमोला न्यूज़
पंचकूला, 5 मई- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पंचकूला के तत्वावधान में हंसराज पब्लिक स्कूल में आज एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-सह-सचिव श्री अजय कुमार घनघस ने बताया कि इस शिविर का उद्देश्य स्कूली बच्चों को उनके विधिक अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना था।
उन्होंने बताया कि यह पहल राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के उन निरंतर प्रयासों का हिस्सा थी, जिनका उद्देश्य छात्रों के बीच विधिक जागरूकता फैलाना और जमीनी स्तर पर न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रारंभिक चरण में ही विधिक जागरूकता बच्चों को जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए सशक्त बनाती है और उन्हें दैनिक जीवन में कानून के महत्व को समझने में मदद करती है।
इस दौरान, डीएलएसए की पैनल अधिवक्ता सुश्री कोम्पल और सुश्री मेघा ने एनएएलएसए की ’बाल-अनुकूल विधिक सेवा योजना’ पर विस्तृत व्याख्यान दिए। उन्होंने इस योजना के प्रावधानों और लाभों को सरल और रोचक तरीके से समझाया, जिससे छात्रों को यह समझने में आसानी हुई कि उनके अधिकारों की रक्षा के लिए किस प्रकार की विधिक व्यवस्थाएं मौजूद हैं। उन्होंने छात्रों को एनएएलएसए और एचएएलएसए द्वारा लागू की गई विभिन्न विधिक सहायता योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी, जो विशेष रूप से बच्चों, महिलाओं और समाज के अन्य कमजोर वर्गों के लिए हैं।
छात्रों को मुफ्त विधिक सहायता सेवाओं की उपलब्धता और सहायता प्रदान करने में विधिक सेवा संस्थानों की भूमिका के बारे में सूचित किया गया। डीएलएसए और एनएएलएसए के महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर भी साझा किए गए, और छात्रों को किसी भी विधिक समस्या या आपात स्थिति में सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
श्री घनघस ने छात्रों के साथ बातचीत की और उनके प्रश्नों के उत्तर दिए, साथ ही सभी के लिए न्याय सुनिश्चित करने में विधिक सेवाओं के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और इस जानकारी को अपने समुदाय के अन्य लोगों के साथ साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया।
हंसराज पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य ने मुख्य अतिथि, श्री घांघस का हार्दिक स्वागत किया और छात्रों के लिए इतने ज्ञानवर्धक और प्रभावशाली कार्यक्रम का आयोजन करने हेतु क्स्ै।, पंचकूला के प्रयासों की सराहना की।
श्री घनघस ने इसके उपरांत सिविल अस्पताल स्थित नशा मुक्ति केंद्र का औचक निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान, उन्होंने केंद्र के कामकाज और वहां उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की। इसके बाद इस मामले पर सिविल सर्जन, पंचकूला के साथ चर्चा की गई। उनके संज्ञान में यह बात लाई गई कि केंद्र पर पुलिस सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की आवश्यकता है, क्योंकि मानसिक रोगी कभी-कभी हिंसक हो जाते हैं और उन्हें संभालना मुश्किल हो जाता हैय साथ ही, ऐसे भी कई मामले सामने आए हैं जब रोगियों ने केंद्र से भागने का प्रयास किया है।
श्री घनघस ने उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से लिया और आश्वासन दिया कि संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर इस मामले का उचित समाधान किया जाएगा। उन्होंने रोगियों के लिए बेहतर रहन-सहन की स्थिति सुनिश्चित करने हेतु केंद्र में साफ-सफाई और स्वच्छता बनाए रखने के संबंध में आवश्यक निर्देश भी जारी किए।
दिन भर की गतिविधियों ने कानूनी जागरूकता को बढ़ावा देने के साथ-साथ समाज के कमजोर वर्गों से संबंधित संस्थानों की उचित निगरानी सुनिश्चित करने के प्रति डीएलएसए पंचकूला की प्रतिबद्धता को दर्शाया।
