रोमी सिंह /रमोला न्यूज़
पंचकूला, 11 मई : कालका की विधायक शक्ति रानी शर्मा ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व हमें यह याद दिलाता है कि राष्ट्र जहां संविधान की धाराओं से संचालित होता है, वहीं वह अपनी सांस्कृतिक स्मृतियों, प्रतीकों और आत्मगौरव से जीवित रहता है। जिस समाज को अपने इतिहास पर गर्व नहीं होता, वह भविष्य का नेतृत्व नहीं कर सकता। विधायक श्रीमती शक्ति रानी शर्मा आज महादेव मंदिर सकेतड़ी में आयोजित जिलास्तरीय सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि यह केवल एक स्मृति समारोह नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण, सांस्कृतिक आत्मविश्वास और राष्ट्रीय स्वाभिमान का उत्सव है।
इस अवसर पर उपायुक्त श्री सतपाल शर्मा भी उपस्थित रहे। इससे पूर्व उपस्थित अतिथियों और प्रतिभागियों ने ऑनलाइन माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गुजरात के सोमनाथ मंदिर में आयोजित ‘सोमनाथ अमृत पर्व-2026’ के दौरान दिए गए संबोधन का सीधा प्रसारण देखा। महादेव मंदिर सकेतड़ी पहुंचने पर अतिरिक्त उपायुक्त श्रीमती निशा यादव ने विधायक श्रीमती शक्ति रानी शर्मा का स्वागत किया। इसके उपरांत विधायक ने शिव मंदिर में शिवलिंग पर जलाभिषेक कर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दिव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। विधायक श्रीमती शक्ति रानी शर्मा ने कलश यात्रा को रवाना किया। सैकड़ों महिलाओं ने बैंड-बाजे की धुनों पर नृत्य करते हुए सिर पर जल कलश लेकर मंदिर परिसर की परिक्रमा की। महिलाओं ने भगवान शिव पर जल अर्पित कर यात्रा का समापन किया। इसके बाद विधायक ने सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग द्वारा सोमनाथ मंदिर के इतिहास पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि इसे शिक्षण संस्थानों में भी आयोजित किया जाना चाहिए, ताकि बच्चों को भारत की प्राचीन समृद्ध संस्कृति से अवगत कराया जा सके।
उन्होंने कहा कि हरियाणा की धरती वीरता, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति की भूमि रही है। महाभारत की इस पुण्य भूमि ने सदैव धर्म और राष्ट्रधर्म का मार्ग दिखाया है। इसलिए सोमनाथ स्वाभिमान पर्व केवल गुजरात का नहीं, बल्कि संपूर्ण भारत की सांस्कृतिक चेतना का पर्व है। विधायक ने सभी से यह संकल्प लेने का आह्वान किया कि वे आने वाली पीढ़ियों को वह इतिहास बताएंगे जो सत्य है, न कि वह जो दशकों तक राजनीतिक सुविधा के लिए लिखा गया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को यह बताने की आवश्यकता है कि भारत हजारों वर्षों पुरानी सभ्यता है और हमारे मंदिर केवल पूजा स्थल नहीं, बल्कि ज्ञान, कला, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय एकता के केंद्र रहे हैं। इसी प्रकार सोमनाथ मंदिर केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारत की अमर आत्मा का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि इतिहास इस बात का भी साक्षी है कि जितना महान यह मंदिर था, उतनी ही बार इसे भारत की आत्मा को तोड़ने के लिए निशाना बनाया गया। विदेशी आक्रांताओं ने केवल मंदिर को नहीं तोड़ा, बल्कि भारत के आत्मविश्वास को भी चोट पहुंचाने का प्रयास किया। आज का सोमनाथ स्वाभिमान पर्व उसी ऐतिहासिक क्षण की स्मृति में आयोजित किया जा रहा है, जब स्वतंत्र भारत ने अपने सांस्कृतिक गौरव को पुनः स्थापित किया और यह सिद्ध किया कि राष्ट्र केवल राजनीतिक सीमाओं से नहीं, बल्कि अपनी सभ्यता, परंपरा और आध्यात्मिक आत्मविश्वास से निर्मित होता है।
उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ धाम का पुनरुद्धार, केदारनाथ मंदिर का पुनर्विकास और राम मंदिर का निर्माण केवल विकास कार्य नहीं, बल्कि भारत की सभ्यता के पुनर्जागरण के प्रतीक हैं। कार्यक्रम के अंत में कलश यात्रा में भाग लेने वाली महिलाओं को उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त श्रीमती निशा यादव, एसडीएम पंचकूला श्री चंद्रकांत कटारिया, महादेव मंदिर सकेतड़ी के प्रधान श्री केडी शर्मा तथा प्रबंधक श्री पीएस गुलेरिया सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
