राष्ट्र निर्माण की दिशा में सशक्त कदम है जरूरतमंद विद्यार्थियों को शिक्षा सहायता प्रदान करना : राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया

 

सुमेश कुमार/ रमोला न्यूज़

चंडीगढ़, 19 मई :

पंजाब के राज्यपाल एवं यू.टी. चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया ने भारत विकास परिषद चैरिटेबल ट्रस्ट, चंडीगढ़ द्वारा आयोजित “साक्षरता” कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर जरूरतमंद एवं मेधावी स्कूली विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई। कार्यक्रम के दौरान लगभग 450 वंचित विद्यार्थियों को स्कूल यूनिफॉर्म, बैग, स्टेशनरी तथा अन्य अध्ययन सामग्री प्रदान की गई।

सभा को संबोधित करते हुए प्रशासक ने कहा कि बच्चों को शैक्षणिक सहयोग प्रदान करना केवल दान का कार्य नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक दूरदर्शी एवं सशक्त पहल है। उन्होंने कहा कि शिक्षा आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने, अनुशासित रहने और जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर परिश्रम करने का आह्वान किया।

प्रशासक ने चंडीगढ़ के सरकारी विद्यालयों के प्रदर्शन में लगातार हो रहे सुधार की सराहना की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सीबीएसई कक्षा 12वीं की परीक्षाओं में सरकारी विद्यालयों का कुल परिणाम 87.25 प्रतिशत रहा, जो राष्ट्रीय औसत 85.2 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने कहा कि 57 विद्यार्थियों ने 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए, जबकि 348 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए, जो पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय सुधार को दर्शाता है। उन्होंने यह भी बताया कि चंडीगढ़ प्रशासन मेधावी विद्यार्थियों को वित्तीय सहायता एवं उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के लिए संरचित करियर काउंसलिंग कार्यक्रम प्रारंभ करने तथा उद्योगपतियों एवं अन्य हितधारकों का सहयोग जुटाने की दिशा में कार्य कर रहा है।

प्रशासक ने भारत विकास परिषद द्वारा वर्ष 2026-27 में मेधावी विद्यार्थियों के सहयोग हेतु 25 लाख रुपये निर्धारित करने के निर्णय की भी सराहना की। इस पहल के अंतर्गत कक्षा 9वीं, 11वीं एवं 12वीं में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले पात्र विद्यार्थियों को सहायक पुस्तकें, प्रतिवर्ष 5,000 रुपये की छात्रवृत्ति तथा व्यक्तित्व विकास सहयोग प्रदान किया जाएगा।

शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्रों में वर्ष 1987 से भारत विकास परिषद के योगदान की प्रशंसा करते हुए प्रशासक ने कहा कि परिषद की साक्षरता परियोजना से अब तक 22,000 से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके हैं। समावेशी शिक्षा पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि वास्तविक सामाजिक प्रगति तभी संभव है जब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे।

प्रशासक ने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा सामाजिक संगठनों के ऐसे सहयोगात्मक प्रयास सरकारी पहलों को और अधिक सशक्त बनाते हैं।

इस अवसर पर चंडीगढ़ प्रशासन के निदेशक स्कूल शिक्षा श्री नितिश सिंगला, भारत विकास परिषद चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री अजय दत्ता, भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय संगठन सचिव श्री सुरेश जैन, साक्षरता परियोजना के निदेशक श्री अशोक कुमार गोयल तथा भारत विकास परिषद, चंडीगढ़ के अध्यक्ष श्री एम.के. विरमानी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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