यमुना तट पर ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान दे रही हैं मीना असवाल

 

तिलक चंद रमोला, नौगांव उत्तरकाशी : 

सेवानिवृत्त अध्यापिका मीना असवाल अपने स्वर्गीय पिता एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सकलचंद रावत तथा अपने स्वर्गीय पति बचन सिंह असवाल की प्रेरणा से सेवानिवृत्ति के बाद ग्रामीण पर्यटन और स्वरोजगार को बढ़ावा देने में जुटी हैं। उन्होंने विकासखंड नौगांव के बगासू गांव में सात कमरों वाले “रिवर्स साउंड होम स्टे” की स्थापना कर क्षेत्र में पर्यटन और स्थानीय रोजगार के नए अवसर पैदा किए हैं।

मीना असवाल का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल व्यवसाय करना नहीं, बल्कि बाहर से आने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को “अतिथि देवो भव” की भारतीय परंपरा के अनुरूप आत्मीय आतिथ्य प्रदान करना है। साथ ही गांव के लोगों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना भी उनकी प्राथमिकता है।

यमुना नदी के तट पर स्थित यह सुंदर दो मंजिला होम स्टे प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है। यहां आकर्षक आंगन, रंग-बिरंगे फूलों से सजे गमले और मनमोहक पहाड़ी दृश्य पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। होम स्टे से यमुना नदी की कल-कल ध्वनि सुनाई देती है, जो पर्यटकों को विशेष रोमांच का अनुभव कराती है।

बगासू गांव में आने वाले पर्यटक यहां की समृद्ध पहाड़ी संस्कृति, पारंपरिक जीवनशैली और प्राकृतिक वातावरण का आनंद ले सकते हैं। इसके अलावा क्षेत्र में स्थित प्राचीन भगवान शिव मंदिर, विशाल बड़ का पेड़ तथा पवित्र यमुना नदी के दर्शन भी आसानी से किए जा सकते हैं।

स्थानीय यूट्यूबर प्रतीक अलवाल का कहना है कि मीना असवाल की यह पहल ग्रामीण पर्यटन को नई दिशा देने के साथ-साथ युवाओं को अपने गांव में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उनकी मेहनत और दूरदर्शिता से बगासू गांव धीरे-धीरे पर्यटन मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बना रहा है।

ग्रामीण परिवेश, प्राकृतिक सौंदर्य और पारंपरिक पहाड़ी संस्कृति का अनूठा संगम प्रस्तुत करने वाला “रिवर्स साउंड होम स्टे” आज क्षेत्र में पर्यटन विकास का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभर रहा है। यह पहल न केवल पर्यटकों को आकर्षित कर रही है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम भी बन रही है।

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