रमोला न्यूज, नौगांव : मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह ने बुधवार को विकासखंड नौगांव के हिमरोल, तियां एवं कलोगी क्षेत्रों का भ्रमण कर स्वरोजगार, आजीविका संवर्द्धन और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रभावी संचालन एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
हिमरोल स्थित यमुना वैली प्रोडक्ट 3के ऑर्गेनिक आउटलेट केंद्र के निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने हर्बल चाय, पहाड़ी दालें, हर्बल मसाले, लाल चावल, बुरांश एवं संतरा जूस सहित विभिन्न स्थानीय उत्पादों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों का संगठित विपणन किसानों और उत्पादकों की आय बढ़ाने के साथ-साथ स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को स्थायी रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्रदान कर रहा है। उन्होंने उत्पादों की गुणवत्ता, आकर्षक पैकेजिंग तथा व्यापक बाजार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।
इसके बाद उन्होंने क्रांति स्वायत्त सहकारिता, कलोगी (न्याय पंचायत तियां) का निरीक्षण कर मशरूम उत्पादन इकाई, गोबर गैस संयंत्र एवं पशुपालन केंद्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने इन गतिविधियों को ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
सीडीओ ने उद्यान विभाग के एप्पल मिशन के तहत विकसित सेब के बगीचों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पौधों की गुणवत्ता, रखरखाव एवं बागवानी प्रबंधन का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को वैज्ञानिक तकनीकों के उपयोग और किसानों को समयबद्ध तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एप्पल मिशन पर्वतीय क्षेत्रों में उच्च मूल्य वाली बागवानी को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
भ्रमण के दौरान ग्राम तियां में मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना एवं ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना के अंतर्गत संचालित क्रांति क्लस्टर लेवल फेडरेशन की साबुन निर्माण इकाई का शुभारंभ भी किया गया। इस इकाई में महिलाओं को सी-बकथॉर्न, भीमल, लेमन और प्याज जैसे प्राकृतिक अवयवों से साबुन एवं शैम्पू निर्माण का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
महिला उद्यमियों से संवाद करते हुए सीडीओ जय भारत सिंह ने कहा कि ऐसे उद्यम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के साथ महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने महिलाओं को गुणवत्ता, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और विपणन विस्तार पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यमों को बढ़ावा देकर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं, जिससे पलायन पर अंकुश लगाने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल रही है।
इस अवसर पर मुख्य उद्यान अधिकारी रजनीश सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एच.सी. बिष्ट, सहायक निदेशक डेयरी विकास पीयूष आर्य, सहायक निदेशक मत्स्य नीतेश कुमार, खंड विकास अधिकारी नौगांव बिजेंद्र सिंह चौहान, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती प्रियंका थपलियाल, संजय थपलियाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं स्थानीय उद्यमी उपस्थित रहे।
स्थानीय उत्पादों और महिला उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा, सीडीओ ने किया स्थलीय निरीक्षण
