गीता के ज्ञान और कन्हैया मित्तल के भजनों से भक्तिमय हुआ पंचकूला

विक्रांत शर्मा /रमोला न्यूज़ ब्यूरो

पंचकूला, 8 अगस्त। श्री कृष्ण कृपा परिवार पंचकूला ट्रस्ट की ओर से सेक्टर-5 स्थित इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में परमपूज्य महामंडलेश्वर गीता मनीषी स्वामी श्री ज्ञानानंद जी महाराज के पावन सान्निध्य में आयोजित तीन दिवसीय दिव्य गीता सत्संग के दूसरे दिन श्रद्धा और भक्ति का ऐसा संगम देखने को मिला कि पूरा ऑडिटोरियम श्रीकृष्ण भक्ति में डूबा नजर आया। हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने स्वामी ज्ञानानंद महाराज के अमृतमयी प्रवचनों का श्रवण किया, वहीं प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल की भक्ति प्रस्तुतियों ने माहौल को पूरी तरह कृष्णमय बना दिया। उनके साथ विश्वामित्र गिरी जी महाराज,बाबा भूपिंदर सिंह पटियाला वाले,
सत्संग स्थल पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और परिवार सहित श्रद्धालु कार्यक्रम में पहुंचे। जैसे-जैसे सत्संग आगे बढ़ा, पूरा ऑडिटोरियम जय श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव के साथ महाराज जी के प्रवचनों को सुना और भजनों पर झूमते नजर आए

गीता जीवन जीने की कला सिखाती है : स्वामी ज्ञानानंद महाराज

स्वामी श्री ज्ञानानंद जी महाराज ने श्रीमद्भगवद्गीता के विभिन्न प्रसंगों की व्याख्या करते हुए कहा कि गीता केवल पूजा-पाठ या पढ़ने का ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला मार्गदर्शन है। उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन में परिस्थितियां कैसी भी हों, उसे धैर्य और संयम नहीं खोना चाहिए। अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करते हुए परिणाम की चिंता भगवान पर छोड़ देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज के समय में मनुष्य भौतिक सुविधाओं के बावजूद मानसिक तनाव और अशांति से जूझ रहा है। ऐसे समय में गीता का ज्ञान मनुष्य को भीतर से मजबूत बनाता है। परमात्मा के प्रति विश्वास, अच्छे संस्कार, सकारात्मक सोच और निस्वार्थ भाव से किए गए कर्म जीवन को सार्थक बनाते हैं।
महाराज जी ने युवाओं से विशेष रूप से भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संस्कारवान युवा ही समाज और राष्ट्र को सही दिशा दे सकते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं को गीता के संदेशों को केवल सुनने तक सीमित न रखते हुए उन्हें अपने व्यवहार और दैनिक जीवन में उतारने का संदेश दिया

श्री कृष्ण कृपा परिवार द्वारा आयोजित दिव्य गीता सत्संग में हरियाणा के कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा भी विशेष रूप से पहुंचे। उन्होंने परम पूज्य गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज जी का आशीर्वाद प्राप्त किया और श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाला मार्गदर्शन है। भगवान श्रीकृष्ण के संदेश को अपने जीवन में अपनाकर व्यक्ति तनाव, कठिनाइयों और चुनौतियों का सामना करते हुए सफलता एवं शांति की ओर बढ़ सकता है।

विशेष अतिथि के रूप में पहुंचे श्याम खाटू मंदिर के निज पुजारी
दिव्य गीता सत्संग में विशेष अतिथि के रूप में श्याम खाटू मंदिर के निज पुजारी श्री श्याम सिंह चौहान जी भी पहुंचे। उनके आगमन पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। श्री श्याम सिंह चौहान जी ने सत्संग में उपस्थित होकर स्वामी श्री ज्ञानानंद जी महाराज के दिव्य प्रवचनों का श्रवण किया। उनके आगमन से कार्यक्रम की आध्यात्मिक गरिमा और भी बढ़ गई।

कन्हैया मित्तल के भजनों पर झूमा पूरा ऑडिटोरियम

कार्यक्रम का सबसे आकर्षक और भावपूर्ण क्षण उस समय देखने को मिला जब प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल ने भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति से ओतप्रोत भजनों की प्रस्तुति शुरू की। उनकी मधुर आवाज और भक्ति से सराबोर भजनों ने कुछ ही पलों में पूरे वातावरण को भक्तिरस में डुबो दिया।
कन्हैया मित्तल के भजनों के दौरान श्रद्धालु अपने स्थानों पर खड़े होकर झूमने लगे। युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी भक्ति में लीन नजर आए। तालियों और जयकारों के बीच पूरा इंद्रधनुष ऑडिटोरियम श्रीकृष्ण भक्ति से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भजनों का आनंद लेते हुए भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपनी आस्था और समर्पण व्यक्त किया।
स्वामी ज्ञानानंद महाराज के गीता ज्ञान और कन्हैया मित्तल की भक्ति प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को एक विशेष आध्यात्मिक स्वरूप प्रदान किया। श्रद्धालुओं का कहना था कि ज्ञान, भक्ति और संगीत का यह संगम लंबे समय तक याद रहेगा।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा,मुख्यमंत्र के ओसीडी बी.बी.भारती,भोपाल सिंह खादरी,प्रदेश सचिव लतिका शर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता,गौ सेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण गर्ग, पूर्व मेयर कुलभूषण गोयल ,संजय आहूजा,पार्षद दीपक गर्ग,अशोक कुमार उमेश सूद जी आशीर्वाद लेने पहुंचे।

गीता का ज्ञान समाज को सही दिशा देने का माध्यम : आयोजक

इस अवसर पर श्री कृष्ण कृपा परिवार के संरक्षक एवं मेयर श्याम लाल बंसल, प्रधान जगमोहन गर्ग, संयोजक परमिंदर ढींगरा एवं महासचिव धर्मपाल सिंगला,वनीत जैन ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में गीता का ज्ञान समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। गीता मनुष्य को तनाव से बाहर निकलकर सकारात्मक सोच के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देती है।उन्होंने कहा कि श्री कृष्ण कृपा परिवार का उद्देश्य भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और श्रीमद्भगवद्गीता के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है। इसी उद्देश्य के साथ पंचकूला में यह दिव्य गीता सत्संग आयोजित किया गया है, जिसमें प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
उन्होंने पंचकूला सहित चंडीगढ़, मोहाली, जीरकपुर और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अपने परिवार सहित सत्संग में पहुंचकर परमपूज्य स्वामी श्री ज्ञानानंद जी महाराज के दिव्य प्रवचनों का लाभ उठाएं।

इस अवसर पर श्याम खाटू मंदिर के निज पुजारी श्री श्याम सिंह चौहान जी, प्रदेश सचिव लतिका शर्मा ,एस.पी. सिंगला, चेयरमैन श्रवण गर्ग, प्रदीप गोयल, वनीत जैन, सुशील बिंदल, दीपक लूथरा, बी.बी. गर्ग, सुरनेश सिंगला, रिम्पी गर्ग, परवीन अग्रवाल, अनुज अग्रवाल, बृज लाल गर्ग, कैलाश मित्तल, तेजपाल गुप्ता, सुरिंदर गोयल, नरेश सांवरा, दिनेश गुप्ता, विजय गर्ग, सतप्रकाश बंसल, मदन लाल बंसल, संजय गर्ग, साहिल गोयल, महिला अध्यक्ष, रूपाली जैन, सुमन ढींगरा, सीमा सिंगला, सुनीता लूथरा, डॉ .साधना अग्रवाल, सुनीता गर्ग, कुसुम गुप्ता, राज नागपाल, पार्षद अनुराधा पुरी, मनीषा, नीलम, नीरज मित्तल, सत्य भगवान सिंगला, संजीव गर्ग, पवन मित्तल, सुभाष सिंगला, विजय अग्रवाल, सतीश जिंदल, राज मित्तल एवं अनिल गुप्ता सहित श्री कृष्ण कृपा परिवार के अनेक पदाधिकारी, सदस्य, गणमान्य नागरिक और हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे।
आयोजकों ने बताया कि तीन दिवसीय दिव्य गीता सत्संग के आगामी कार्यक्रम में भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक एवं भक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजकों ने विश्वास जताया कि यह आयोजन पंचकूला में आध्यात्मिक चेतना, संस्कार और भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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