हरेला क्वीन और सावन क्वीन प्रतियोगिता में महिलाओं ने बिखेरी उत्तराखंडी संस्कृति की रंगत

तिलक चंद रमोला, नौगांव: प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के महिला प्रकोष्ठ जिला नैनीताल की ओर से हरेला पर्व एवं उत्तराखंड की लोकसंस्कृति को समर्पित हरेला क्वीन, सावन/तीज क्वीन एवं कुमाऊंनी व्यंजन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों, लोक संस्कृति और पहाड़ी व्यंजनों के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की मनमोहक झलक प्रस्तुत की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड सरकार के दर्जा राज्य मंत्री एवं प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश अध्यक्ष नवीन वर्मा रहे। विशिष्ट अतिथियों में हल्द्वानी के महापौर गजराज बिष्ट, ललित जोशी, योगेश जोशी, कौस्तुभानंद जोशी, जिलाध्यक्ष व्यापार मंडल विपिन गुप्ता, मदन फर्त्याल, युवा जिलाध्यक्ष प्रदीप सब्बरवाल, इंद्र कुमार भटियानी, व्यापार मंडल अध्यक्ष योगेश शर्मा, उपेंद्र कनवाल, संदीप सक्सेना, दीवान सिंह दानी, महामंत्री नंदन सिंह राणा, प्रदेश प्रभारी सुनील भारद्वाज, वरिष्ठ पत्रकार अरविंद मलिक और आलू फल आढ़ती एसोसिएशन अध्यक्ष कैलाश जोशी समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
मेघा और नीतू ने मारी बाजी
सावन क्वीन प्रतियोगिता में मेघा जोशी ने प्रथम और सोनी पलड़िया ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। वहीं हरेला क्वीन प्रतियोगिता में नीतू रौतेला प्रथम, मनीषा जोशी द्वितीय और किरण गुप्ता तृतीय रहीं।
कुमाऊंनी व्यंजन प्रतियोगिता में भी महिलाओं ने पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों का शानदार प्रदर्शन किया। इसमें रेनु जोशी प्रथम, मीनाक्षी पांडे द्वितीय और नीतू रौतेला तृतीय स्थान पर रहीं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली अन्य प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार भी दिए गए।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि हरेला पर्व प्रकृति, पर्यावरण और उत्तराखंड की संस्कृति से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। इस तरह के आयोजन लोक परंपराओं, पारंपरिक खान-पान और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ ही महिलाओं की प्रतिभा को मंच प्रदान करते हैं।
महिला प्रकोष्ठ ने निभाई अहम भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रदेश मंत्री शांति जीना, जिला अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ कुसुम दिगारी, उर्वशी बोरा, विनीता शर्मा, ज्योति मेहता, रेनु टंडन, चंपा चिलवाल, मीना सेठ, प्रियंका शर्मा सहित महिला प्रकोष्ठ की पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा।
ग्रामीण इकाई मुखानी-कुसुमखेड़ा के अध्यक्ष भास्कर त्रिपाठी, महामंत्री दीपक गुर्रानी एवं कोषाध्यक्ष दिनेश मठपाल सहित व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री हर्ष वर्द्धन पांडे एवं करणवीर दिगारी ने किया।
आयोजकों ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का आभार जताते हुए कहा कि हरेला केवल पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति और अपनी जड़ों से जुड़ने का उत्सव है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से उत्तराखंड की लोक संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास आगे भी जारी रहेगा।

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