भाजपा सरकार द्वारा बिजली निजी कंपनी को सौंपने की तैयारी : आदित्य सुरजेवाला

प्रीति कंबोज /रमोला न्यूज़ ब्यूरो

चंडीगढ़, 1 सितंबर : कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला ने मंगलवार को हरियाणा विधानसभा के शून्य काल में बिजली के प्रस्तावित निजीकरण पर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस शहर में सरकार कूड़ा तक नहीं उठवा पा रही, उसी शहर की बिजली एक निजी कंपनी को सौंपने की तैयारी कर रही है।

सुरजेवाला ने बताया कि बिजली विभाग ने गुड़गांव और नूंह में समानांतर लाइसेंस देने की याचिका दायर की है। यह कंपनी सिर्फ एक साल पुरानी है, बिजली वितरण का अनुभव शून्य है और इसकी पूंजी मात्र 1 करोड़ रुपये है, फिर भी यह 4,717 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट संभालने जा रही है। उन्होंने पूछा, “क्या यह भ्रष्टाचार का खुला सबूत नहीं है?”

उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी सिर्फ मॉल, बड़ी इंडस्ट्री और बड़ी सोसाइटियों को बिजली देगी। गांवों, ट्यूबवेलों और नारनौल-रेवाड़ी की छोटी दुकानों को नहीं। यह चुनिंदा चयन बिजली अधिनियम के सार्वभौमिक आपूर्ति दायित्व का सीधा उल्लंघन है। यह पिछले दरवाजे से निजीकरण है—मुनाफा निजी कंपनी को और घाटा आम जनता को।

आदित्य सुरजेवाला ने चेतावनी दी कि अकेला गुड़गांव दक्षिणी हरियाणा बिजली वितरण निगम के राजस्व का चालीस प्रतिशत देता है। अगर यह हिस्सा निकल गया तो किसानों के नए ट्यूबवेल कनेक्शन प्रभावित होंगे, गांवों के जले ट्रांसफॉर्मर समय पर नहीं बदले जाएंगे और किसानों व गरीबों की सब्सिडी काटना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि कल जब यही निगम घाटे में जाएगा तो सरकार कहेगी—‘घाटे में है, बेच दो।’ यह निजी लाइसेंस उसी बिक्री की पहली सीढ़ी है, जिससे हजारों सरकारी नौकरियां खतरे में पड़ जाएंगी।

विधायक आदित्य सुरजेवाला ने भाजपा सरकार से स्पष्ट मांग की कि प्रस्तावित बिजली लाइसेंस तुरंत रद्द किया जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *