हेमंत कुमार / रमोला न्यूज़ ब्यूरो
कालका। कालका से कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी ने जिले में बढ़ते डॉग बाइट के मामलों पर चिंता जताते हुए सरकार और प्रशासन से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कालका-पिंजौर सहित ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को आवारा कुत्तों के हमलों का सामना करना पड़ रहा है। हालिया रिपोर्टों में भी पिंजौर में बच्चों पर कुत्तों के हमले के मामले सामने आए हैं। मई में पिंजौर में एक पांच वर्षीय बच्चे के चेहरे पर कुत्ते ने हमला किया था, जबकि सितंबर में विश्वकर्मा कॉलोनी में सात वर्षीय बच्चे को कुत्ते ने काट लिया।
जिले में डॉग बाइट की स्थिति का अंदाजा आंकड़ों से लगाया जा सकता है। जनवरी से मई 2026 तक पंचकूला जिले में 7,026 डॉग बाइट केस दर्ज हुए, जबकि 2025 में पूरे साल यह आंकड़ा 14,230 रहा था। 2024 में 10,875 और 2023 में 10,161 मामले दर्ज किए गए थे। प्रदीप चौधरी ने कहा कि गली-मोहल्लों से लेकर गांवों तक लोगों में डर का माहौल है और प्रशासन को केवल योजनाएं बनाने के बजाय डॉग कैचिंग, नसबंदी और आक्रामक कुत्तों के प्रबंधन की व्यवस्था जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू करनी चाहिए। हाल में नगर निगम ने तीन एजेंसियों के जरिए अभियान चलाने और संवेदनशील स्थानों से कुत्तों को हटाने की व्यवस्था की है। जो नाकाफी है। इसका दायरा बढ़ाना चाहिए ताकि हर स्थान से कुत्तों को हटाया जा सके ग्रामीण क्षेत्र में भी कुत्तों आवारा कुत्तों की संख्या निरंतर बढ़ रही है जो लोगों को सैर करने से लेकर खेत खलिहान तक जाना मुश्किल कर रहे हैं।
चौधरी ने अंत में कहा ग्रामीण क्षेत्र के अलावा पंचकूला के सेक्टरों में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। इसलिए लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर पंचकूला प्रशासन पुख्ता प्रबंध करें।

