सुमेश कुमार /रमोला न्यूज़ ब्यूरो
चंडीगढ़, 14 सितंबर : पंजाब के राज्यपाल एवं प्रशासक, यू.टी. चंडीगढ़, श्री गुलाब चंद कटारिया के मार्गदर्शन में चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत आज गृह-सह-स्वास्थ्य सचिव श्री मंदीप सिंह बराड़ ने केमिस्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधियों तथा शहर के केमिस्टों के साथ बैठक की।
बैठक में आदत पैदा करने वाली दवाओं और नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री एवं दुरुपयोग को रोकने, इनकी गैर-कानूनी आपूर्ति व्यवस्था को बाधित करने तथा प्रशासन और केमिस्टों के बीच समन्वय को और मजबूत बनाने पर विशेष रूप से चर्चा की गई। यह पहल चंडीगढ़ को पूर्णतः नशामुक्त बनाने के लिए प्रशासन के निरंतर मिशन और नशे के विरुद्ध दृढ़ अभियान का हिस्सा है।
बैठक को संबोधित करते हुए श्री मंदीप सिंह बराड़ ने कहा कि आदत पैदा करने वाली दवाओं की अवैध आपूर्ति और दुरुपयोग को रोकने में केमिस्टों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सभी केमिस्टों को लागू कानूनों एवं निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन करने तथा ऐसी दवाओं की बिक्री का उचित रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए।
गृह-सह-स्वास्थ्य सचिव ने केमिस्टों से सतर्क रहने तथा ऐसी दवाओं और नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री, आपूर्ति अथवा दुरुपयोग से संबंधित किसी भी सूचना को तुरंत प्रशासन के साथ साझा करने का आह्वान किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि ऐसी सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
श्री बराड़ ने कहा कि नशे की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रशासन, प्रवर्तन एजेंसियों, स्वास्थ्य अधिकारियों, केमिस्टों और नागरिकों के सामूहिक एवं समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित नियमों का उल्लंघन कर किसी भी दवा अथवा नशीले पदार्थ की बिक्री या आपूर्ति करते पाए जाने वाले व्यक्ति के विरुद्ध कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं, चंडीगढ़, डॉ. सुमन सिंह ने प्रतिभागियों को अवगत कराया कि केमिस्ट की दुकानों की नियमित जांच के साथ-साथ औचक निरीक्षण भी किए जाएंगे। निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार का उल्लंघन पाए जाने पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
केमिस्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने इस महत्वपूर्ण एवं निरंतर चलाए जा रहे अभियान में चंडीगढ़ प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। उन्होंने सभी कानूनी प्रावधानों का पालन करने तथा नशे की समस्या को जड़ से समाप्त कर चंडीगढ़ को पूर्णतः नशामुक्त बनाने के प्रशासन के दृढ़ प्रयासों में सक्रिय सहयोग देने की प्रतिबद्धता दोहराई।
