नमो मैराथन में फरीदाबाद की धरती से नशे के खिलाफ आज हरियाणा की बुलंद आवाज उठी है : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

 

रमोला न्यूज़ ब्यूरो

चंडीगढ़, 27 सितंबर – “नमो मैराथन में फरीदाबाद की धरती से नशे के खिलाफ आज हरियाणा की बुलंद आवाज उठी है।” मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को सूरजकुंड की ऐतिहासिक धरती से ‘नशा-मुक्त हरियाणा फरीदाबाद नमो मैराथन-2026’ को हरी झंडी दिखाते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि मैराथन में आगे बढ़ रहे ये कदम केवल सड़क पर दौड़ नहीं रहे, बल्कि नशे के खिलाफ प्रदेश की सामूहिक चेतना और संकल्प को आगे ले जा रहे हैं।

फरीदाबाद में आयोजित इस भव्य मैराथन में 1 लाख 35 हजार से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया और लगभग सभी पंजीकृत प्रतिभागी मैराथन में भाग लेने के लिए पहुंचे। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता ने सूरजकुंड को नशामुक्ति के सामूहिक संकल्प की विराट तस्वीर में बदल दिया। सुबह से ही आयोजन स्थल पर युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों, खिलाड़ियों, विद्यार्थियों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था।

यह आयोजन केवल एक दौड़ तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नशामुक्ति, फिटनेस, स्वस्थ जीवनशैली, युवा शक्ति, सामाजिक एकजुटता और राष्ट्र निर्माण का व्यापक जनसंदेश बनकर सामने आया। बड़ी संख्या में युवाओं ने पूरे जोश के साथ मैराथन में हिस्सा लेकर नशे से दूर रहने और अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने का संदेश दिया। महिलाओं और बुजुर्गों की उल्लेखनीय भागीदारी ने भी यह स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ अभियान किसी एक वर्ग का नहीं, बल्कि पूरे समाज का साझा संकल्प है।

*दूरी अलग-अलग, लेकिन मंजिल एक—नशामुक्त हरियाणा*

मैराथन में 21 किलोमीटर, 10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर की विभिन्न श्रेणियों में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। किसी की दूरी अलग थी, किसी की गति अलग थी और उम्र भी अलग-अलग थी, लेकिन सभी की मंजिल एक थी—नशामुक्त हरियाणा।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने मैराथन में शामिल प्रतिभागियों पर पुष्प वर्षा कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा की पहचान पसीना, पदक और पराक्रम है। हरियाणा का युवा नशे से नहीं, बल्कि मेहनत, प्रतिभा और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण से पहचाना जाता है। उन्होंने युवाओं से नशे को दृढ़ता से ‘ना’ कहने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा शरीर को कमजोर करने के साथ-साथ सपनों को छीनता है, परिवार को प्रभावित करता है और समाज को खोखला करता है। उन्होंने युवाओं से अपनी ऊर्जा और प्रतिभा को नशे में नहीं, बल्कि खेल, शिक्षा, कौशल, रोजगार, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में लगाने का आह्वान किया।

*‘भारत माता की जय’ के जयघोष से गूंजा सूरजकुंड*

मैराथन के दौरान सूरजकुंड परिसर देशभक्ति और सामाजिक संकल्प की भावना से ओत-प्रोत नजर आया। ‘भारत माता की जय’ के जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा। हजारों-लाखों कदम एक साथ आगे बढ़ते हुए स्वस्थ समाज, नशामुक्त युवा और सशक्त राष्ट्र का संदेश दे रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की यह दौड़ केवल सड़क पर आगे बढ़ने की दौड़ नहीं है, बल्कि यह नशे के खिलाफ सामाजिक चेतना को आगे बढ़ाने की दौड़ है। उन्होंने प्रत्येक धावक, खिलाड़ी, विद्यार्थी, बेटी और स्वयंसेवक का अभिनंदन किया।

*मुख्यमंत्री ने दिलाई नशामुक्ति की शपथ*

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बड़ी संख्या में उपस्थित प्रतिभागियों को नशे से दूर रहने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने की शपथ दिलाई। प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे।

इस सामूहिक शपथ ने नमो मैराथन को महज एक खेल आयोजन से आगे बढ़ाकर सामाजिक परिवर्तन और जनजागरूकता के बड़े अभियान का स्वरूप प्रदान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। यह हर घर, हर स्कूल और हर गांव की साझा लड़ाई है। उन्होंने माता-पिता और शिक्षकों से बच्चों के साथ खुलकर संवाद करने का आग्रह किया।

*युवाओं की ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण की शक्ति बनाने का आह्वान*

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत होते हैं। इसलिए युवा शक्ति को नशे की गिरफ्त से बचाकर उसकी ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण की दिशा में लगाना जरूरी है। उन्होंने युवाओं से खेलों से जुड़ने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए मेहनत करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि हरियाणा के युवा ने हमेशा खेल के मैदान में प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। प्रदेश की युवा शक्ति यदि नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा सकारात्मक कार्यों में लगाएगी तो हरियाणा विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।

*फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली का भी दिया संदेश*

फरीदाबाद नमो मैराथन ने नशामुक्ति के साथ-साथ फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली का भी प्रभावी संदेश दिया। विभिन्न आयु वर्ग के लोगों की भागीदारी ने यह साबित किया कि स्वस्थ जीवन के लिए उम्र बाधा नहीं है।

युवाओं का जोश, महिलाओं का उत्साह और बुजुर्गों की सक्रिय भागीदारी आयोजन की विशेष पहचान बनी। मैराथन के माध्यम से लोगों ने नियमित व्यायाम, शारीरिक सक्रियता और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।

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