पार्वती रमोला
रमोला न्यूज़ ब्यूरो
चंडीगढ़ , 27 सितंबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने न कभी छुट्टी की चिंता की और न आराम को प्राथमिकता दी। उनके लिए 140 करोड़ देशवासी ही परिवार हैं। गरीब की पीड़ा, किसान की चिंता और युवा का सपना उनका अपना है। माताओं-बहनों का सम्मान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, जबकि सीमा पर खड़े सैनिक का साहस उनका संकल्प है।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी रविवार को सेवा संकल्प अभियान के तहत गुजरात के वडनगर से वाराणसी तक निकाली जा रही सेवा यात्रा (मोटरसाइकिल यात्रा) के स्वागत को लेकर महेंद्रगढ़ के गांव गोद में आयोजित कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने यात्रा का स्वागत किया और कार्यक्रम के बाद हरी झंडी दिखाकर उसे आगे गंतव्य के लिए रवाना किया।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि यह यात्रा सेवा से संकल्प, संकल्प से सिद्धि और सिद्धि से विकसित भारत तक की यात्रा है। उन्होंने कहा कि महेंद्रगढ़ इतिहास, पराक्रम, जन चेतना और राष्ट्रीय स्वाभिमान की धरती है। उन्होंने यात्रा का यहां पहुंचने पर स्वागत किया और इसे यादगार पल बताया।
उन्होंने कहा कि वडनगर से वाराणसी तक की यात्रा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरक जीवन-यात्रा का भी प्रतीक है। वडनगर उनकी जन्मभूमि है, जबकि वाराणसी उनकी कर्मभूमि है, जहां से भारत की विरासत और आधुनिक आकांक्षाओं को साथ लेकर विकसित भारत का संकल्प आगे बढ़ाया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने जीवन से जनसेवा को राजनीति का मूल उद्देश्य बनाया। 7 अक्तूबर, 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में दायित्व संभालने के बाद आगामी 7 अक्तूबर को उनकी जनसेवा के अविराम 25 वर्ष पूरे होंगे। उन्होंने कहा कि इस पूरे सफर में गरीब कल्याण और देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाना उनकी प्राथमिकता रही है।
*भारत आज डिजिटल क्रांति का नेतृत्व कर रहा है*
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद लाल किले से स्वच्छता का संदेश दिया गया। स्वच्छ भारत मिशन को गरीब के स्वास्थ्य, नारी की गरिमा और देश के सम्मान से जोड़ते हुए आगे बढ़ाया गया। उज्ज्वला योजना के माध्यम से गरीब माताओं को धुएं से मुक्ति, जबकि हर घर बिजली, नल से जल, जनधन योजना और पक्के मकान के लिए अभियान चलाए गए। आयुष्मान भारत ने गरीब परिवारों को उपचार का भरोसा दिया, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि ने किसानों को आर्थिक संबल दिया और मुफ्त राशन ने संकट के समय करोड़ों परिवारों की रसोई का चूल्हा जलाए रखा।
उन्होंने कहा कि भारत आज डिजिटल क्रांति का नेतृत्व कर रहा है और यू.पी.आई. पूरी दुनिया के लिए उदाहरण बन चुका है। स्टार्टअप, अंतरिक्ष, ड्रोन, एआई, सेमीकंडक्टर, रक्षा उत्पादन और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में युवा देश की नई पहचान बना रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारा तिरंगा चंद्रमा के उस दक्षिणी ध्रुव के पास लहरा रहा है, जहां दुनिया का कोई देश पहले नहीं पहुंच पाया था। यह सफलता उस नए भारत के आत्मविश्वास की विजय है, जो कठिन से कठिन लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने का साहस रखता है। भारत अब दूसरों के बनाए रास्तों पर चलने वाला नहीं, बल्कि दुनिया को नए रास्ते दिखाने वाला राष्ट्र बन रहा है।
उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में भी भारत की नीति और पहचान बदली है। भारत शांति चाहता है, लेकिन सुरक्षा से समझौता नहीं करता। आतंकवाद का जवाब उसके घर में घुसकर दिया जाता है। वीर सैनिकों को आधुनिक संसाधन दिए जा रहे हैं और रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में बने रक्षा उपकरण आज दूसरे देशों तक पहुंच रहे हैं। अनुच्छेद 370 को हटाकर जम्मू-कश्मीर को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने तथा वन रैंक, वन पेंशन लागू कर पूर्व सैनिकों के अधिकार को सम्मान देने का काम हुआ है।
*देश में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चलाया*
कोरोना महामारी के कठिन दौर को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब बड़े-बड़े साधन-संपन्न देश भी असहाय दिखाई दे रहे थे, तब प्रधानमंत्री ने भारत का नेतृत्व दृढ़ता और दूरदर्शिता से किया। भारतीय वैज्ञानिकों ने स्वदेशी वैक्सीन बनाई और देश में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चलाया गया।
उन्होंने कहा कि आज विश्व मंच पर भारत की आवाज सम्मान के साथ सुनी जाती है। जी-20 और हाल ही में हुए ब्रिक्स सम्मेलन की सफल अध्यक्षता ने भारत की संगठन क्षमता, संस्कृति और नेतृत्व को दुनिया के सामने रखा। भारत को आज एक विश्वसनीय साथी, समाधान देने वाले राष्ट्र और मानवता की मजबूत आवाज के रूप में देखा जाता है।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने यह संदेश दिया है कि विकास और विरासत एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक-दूसरे की शक्ति हैं। देश में एक्सप्रेस-वे, वंदे भारत ट्रेनें, नए हवाई अड्डे, डिजिटल तकनीक और औद्योगिक कॉरिडोर जैसी आधुनिक परियोजनाओं के साथ अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य व दिव्य मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक और सांस्कृतिक विरासत का पुनरुत्थान भी हो रहा है। भारत अपनी जड़ों पर गर्व करते हुए भविष्य की ओर बढ़ रहा है।
युवाओं को यात्रा का संदेश समझाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मोटरसाइकिल की गति के लिए ऊर्जा, दिशा के लिए संतुलन और मंजिल के लिए अनुशासन जरूरी है। इसी तरह जीवन में भी इन तीनों का महत्व है। उन्होंने युवाओं से अपनी ऊर्जा राष्ट्र निर्माण में लगाने, नशे, हिंसा, निराशा और नकारात्मकता से दूर रहने तथा खेल, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, खेत, उद्योग और स्टार्टअप को अपनी कर्मभूमि बनाने का आह्वान किया।

