कोमल रमोला
रमोला न्यूज़ ब्यूरो
चंडीगढ़, 17 अक्टूबर: झूठे वादे, बढ़ता अपराध, सर्वाधिक बेरोजगारी, सर्वाधिक कर्जा, ताबड़तोड़ घोटाले, किसानों समेत हर वर्ग पर लाठीचार्ज, यही है बीजेपी का रिपोर्ट कार्ड। ये कहना है पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा का। हुड्डा बीजेपी के तीसरे कार्यकाल की दूसरी वर्षगांठ के मौके पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे। इस मौके पर उन्होंने आंकड़ों, तथ्यों और सरकारी रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि 12 साल से सत्ता में होने के बावजूद आज भी बीजेपी के पास गिनवाने के लिए एक भी उपलब्धि नहीं है।
उन्होंने कहा कि आज हरियाणा में किसान मंडियों में रो रहे हैं। सरकारी खरीद नहीं होने की वजह से किसानों को अपना धान एमएसपी से 400 रुपये प्रति क्विंटल और बाजरा एमएसपी से 800-900 रुपये प्रति क्विंटल कम दाम पर बेचना पड़ रहा है। जबकि बीजेपी 2024 चुनाव में धान का किसानों को 3100 रुपये रेट देने का वादा करके सत्ता में आई है।
लेकिन आज किसानों को 3100 रुपये तो दूर, MSP पर फसल बेचने के लिए भी आंदोलन और आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, बीजेपी ने वादा किया था कि स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करेंगे, सी2 फार्मूले पर MSP देंगे, लेकिन उसका यह वादा भी धरा का धरा रह गया। सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था, लेकिन लागत को ही कई गुना बढ़ा दिया।
बीजेपी ने कौशल कर्मियों को पक्का करने का वादा किया था, लेकिन पिछले ही विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा नहीं होगा, क्योंकि ये तो कच्ची व्यवस्था है। सत्ता में बैठे लोगों ने 2 लाख भर्तियां करने का वादा किया था, लेकिन आज तक 2 साल में HSSC की एक भी भर्ती नहीं निकाली। ये सरकार भर्ती करना तो दूर, CET तक नहीं करवा रही है। आज भी सरकारी विभागों में 2 लाख पद खाली पड़े हुए हैं। बेरोजगार युवा प्रदेश और देश छोड़कर पलायन कर रहे हैं।
महिलाओं को 2100 रुपये देने के वादे से तो खुद बीजेपी मुकर ही चुकी है। उसके ऊपर 50 तरह की शर्तें थोपकर सरकार ने ज्यादातर महिलाओं को इस योजना के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि बीजेपी को जनता से कोई सरोकार नहीं है, क्योंकि उसने झूठे वादे और वोट चोरी के दम पर सरकार बनाई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी वोट की लूट का खुलासा पूरे देश के सामने कर चुके हैं और पूरा देश इस चोरी के खिलाफ आंदोलित है।
हुड्डा ने याद दिलाया कि कैसे सरकार ने चुनावों से ठीक पहले लाखों लोगों को रातोंरात बीपीएल बनाकर राशन कार्ड दिए गए और मुफ्त अनाज का लालच देकर उनके वोट हासिल किए गए। हजारों युवाओं की भर्ती प्रक्रिया को भी जानबूझकर लटकाया गया और उन्हें वोट के लिए ब्लैकमेल किया गया। कौशल कर्मियों को पक्का करने का झूठा वादा करके उनका भी वोट लूट लिया।
हुड्डा ने आगे कहा कि 2014 में जब कांग्रेस ने सरकार छोड़ी थी, तो हरियाणा प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति निवेश, रोजगार देने, खिलाड़ियों और बुजुर्गों को सम्मान देने, किसानों को एमएसपी देने, खुशहाली और कानून-व्यवस्था के मामले में देश का नंबर वन राज्य था। लेकिन आज हरियाणा बेरोजगारी, नशे, अपराध और कर्ज के मामले में देश का नंबर वन राज्य बन गया है।
आज प्रदेश में अपराध चरम पर है, और केंद्र सरकार के सामाजिक प्रगति सूचकांक ने हरियाणा को देश का सबसे असुरक्षित राज्य घोषित किया है। यहां 60 से ज्यादा आपराधिक गैंग सक्रिय हैं और लूट, डकैती, फिरौती, फायरिंग व मर्डर रुटीन के अपराध हो गए हैं। जिस पुलिस विभाग को अपराध पर काबू करना चाहिए, वह खुद सरकार और व्यवस्था से विश्वास खो चुका है। नतीजतन, ADGP जैसे पद पर बैठे वरिष्ठ अधिकारी को आत्महत्या करनी पड़ रही है।
भाजपा ने हरियाणा की आर्थिक हालत इतनी खराब कर दी है कि 18 बड़े राज्यों में हरियाणा 14वें स्थान पर फिसल गया है। हरियाणा बनने से लेकर 2014 तक प्रदेश के ऊपर करीब 70 हजार करोड़ का कर्ज था। लेकिन बीजेपी सरकार में यह बढ़कर साढे पांच लाख करोड़ का हो गया है।
BJP सरकार ने स्कूली शिक्षा से लेकर उच्चतर शिक्षा का बंटाधार कर दिया है। यही कारण है कि भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) रैंकिंग में हरियाणा की किसी यूनिवर्सिटी ने टॉप 100 में भी जगह नहीं पाई।
इंडिया जस्टिस रिपोर्ट के अनुसार पिछले 5 साल में हरियाणा पुलिस की रैंकिंग 8वें स्थान से खिसककर 14वें स्थान पर पहुँच गई है। 18 बड़े राज्यों में हरियाणा पुलिस 14वें नंबर पर है।
State on Performance based Indicator में हरियाणा 11वें स्थान पर है। (2025-26 MINISTRY OF RURAL DEVELOPMENT रिपोर्ट)
नीति आयोग की SDG (Sustainable Development Goals ) रिपोर्ट 2023-24 के अनुसार हरियाणा पूरे देश मे 14वें नंबर पर है।
NCRB की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 3 साल में भ्रष्टाचार के 187% मामले बढ़े हैं। हरियाणा भ्रष्टाचार में 6 नंबर पर पहुंच गया है।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार किसानों पर कर्ज के मामले में हरियाणा देश में चौथे स्थान पर है। औसतन हर परिवार पर 1 लाख 82 हजार 922 रुपए का कर्ज है।
नीति आयोग की Export Preparedness Index (EPI) 2024 रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा समग्र रैंकिंग में गिरकर 10वें स्थान पर पहुँच गया है। जबकि EPI 2021 की रिपोर्ट में यह 5वें स्थान पर था। राज्य का स्कोर भी 63.55 से गिरकर 55.01 हो गया है, जो सीधे-सीधे सरकार की नीतिगत विफलता का प्रमाण है।
भाजपा सरकार की गलत नीतियों के चलते हरियाणा से लगातार उद्योग पलायन कर रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2018-19 से अब तक हरियाणा में 1446 फैक्ट्रियां या तो बंद हो गई या पलायन कर गई। पिछले 5 सालों में हरियाणा के औद्योगिक क्षेत्र में 12.2% की गिरावट आई है।
CMIE के 2024 आंकड़ों के मुताबिक, हरियाणा में युवा बेरोजगारी दर करीब 37% है (देश में सबसे ज्यादा)।
नेता प्रतिपक्ष ने बीजेपी सरकार के 11 साल के कार्यकाल की तुलना कांग्रेस सरकार के कार्यकाल से की और तथ्यों के साथ दोनों सरकारों का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, कृषि, बिजली, दलित, पिछड़ा वर्ग, और महिलाओं के कल्याण जैसे क्षेत्रों में कांग्रेस के कामों का ब्यौरा साझा किया, साथ ही बीजेपी सरकार की विफलताओं पर सवाल उठाए।
हुड्डा ने कहा कि बीजेपी की डबल इंजन सरकार हरियाणा में पूरी तरह नाकाम रही, क्योंकि न तो केंद्र ने प्रदेश को कोई बड़ी परियोजना दी, ना ही राज्य सरकार केंद्र से कोई बड़ा प्रोजेक्ट ला सकी।
स्वास्थ्य क्षेत्र
हुड्डा ने बताया कि कांग्रेस सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठाए। एक नया स्वास्थ्य विश्वविद्यालय, 6 नए मेडिकल कॉलेज (करनाल, मेवात, खानपुर, महेंद्रगढ़, भिवानी, फरीदाबाद), एम्स-2, और नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट बाढ़सा स्थापित किए गए। एम्स-2 के साथ 10 राष्ट्रीय सुपर स्पेशियलिटी संस्थानों को मंजूरी दी गई थी। इसके अतिरिक्त, 641 नए ग्रामीण अस्पताल (सीएचसी-पीएचसी) बनाए गए। मेडिकल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एमबीबीएस की फीस मात्र 40,000 रुपये रखी गई थी। वहीं, बीजेपी सरकार ने 12 वर्षों में एक भी मेडिकल कॉलेज या विश्वविद्यालय नहीं बनवाया। एम्स मनेठी का काम आगे नहीं बढ़ाया गया, और कांग्रेस द्वारा मंजूर सुपर स्पेशियलिटी संस्थानों को रद्द कर दिया गया। एमबीबीएस की फीस को 40,000 से बढ़ाकर 40 लाख रुपये कर दिया गया, जिससे मेडिकल शिक्षा जनसाधारण की पहुंच से दूर हो गई।
शिक्षा क्षेत्र
कांग्रेस सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में महेंद्रगढ़ में केंद्रीय विश्वविद्यालय, 12 नए सरकारी विश्वविद्यालय, 154 पॉलिटेक्निक कॉलेज, 56 आईटीआई, और 4 सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज स्थापित किए। राजीव गांधी एजुकेशन सोसाइटी (सोनीपत), भारतीय राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (गुड़गांव में शिलान्यास), 2,623 नए स्कूल, रेवाड़ी में सैनिक स्कूल, और 6 केंद्रीय विद्यालय बनाए गए। शिक्षा विभाग में 1 लाख से अधिक नौकरियां दी गईं, जिनमें 25,000 जेबीटी, 25,000 टीजीटी-पीजीटी, और 50,000 यूनिवर्सिटी व संस्थान कर्मचारी शामिल थे। हर जिले में डीआईईटी स्थापित किए गए, और डॉ. अंबेडकर छात्रवृत्ति योजना लागू की गई।दूसरी ओर, बीजेपी सरकार ने एक भी केंद्रीय विश्वविद्यालय, बड़ा सरकारी विश्वविद्यालय, पॉलिटेक्निक, आईटीआई, या इंजीनियरिंग कॉलेज नहीं खोला। भारतीय राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय को दूसरे राज्य में स्थानांतरित कर दिया गया। जेबीटी की एक भी भर्ती नहीं की गई, और शिक्षा विभाग में 38,000 शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। डीआईईटी और अंबेडकर छात्रवृत्ति योजना को बंद कर दिया गया।
राष्ट्रीय शिक्षण संस्थान
कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हरियाणा देश का पहला राज्य बना, जहां IIIT, IIM, IIHM, AIIMS (बाढ़सा), IIT एक्सटेंशन (सोनीपत, बाढ़सा), NID (कुरुक्षेत्र), NIFT (पंचकुला), FDDI (रोहतक), NIFTEM (सोनीपत), IICA (गुरुग्राम), NCI (बाढ़सा), टूल रूम (अंबाला, रोहतक), GCNEP (बहादुरगढ़), और CIPET (मुरथल) जैसे राष्ट्रीय शिक्षण संस्थान स्थापित हुए। लेकिन बीजेपी के 12 साल में एक भी राष्ट्रीय शिक्षण संस्थान नहीं खुला।
रोजगार
कांग्रेस के साढ़े 9 साल के कार्यकाल में 2 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी गईं। निजी क्षेत्र में सर्वाधिक निवेश और रोजगार सृजन का रिकॉर्ड बनाया गया। ठेकेदारी प्रथा खत्म करने की नीति लागू की गई, जिससे विदेशी कंपनियों ने हरियाणा में निवेश किया और लाखों रोजगार पैदा हुए। हर साल 5,500 युवा सेना में स्थायी भर्ती होते थे। वहीं, बीजेपी सरकार के दौरान 30 से अधिक भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) में घोटाले सामने आए, और हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) के दफ्तर में करोड़ों रुपये पकड़े गए। गैर-हरियाणवियों को भर्तियों में प्राथमिकता दी गई। पक्के रोजगार खत्म कर कौशल निगम के जरिए ठेकेदारी प्रथा शुरू की गई। भारत सरकार के आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा कई वर्षों से बेरोजगारी में देश में पहले स्थान पर है, जिसके चलते युवा विदेशों में पलायन करने को मजबूर हैं। अग्निवीर योजना के कारण सेना में 5,500 स्थायी भर्तियों के बजाय अब केवल 900 अग्निवीर भर्ती हो रहे हैं।
उद्योग
कांग्रेस कार्यकाल में 6 नई औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (IMT) स्थापित की गईं। मारुति, एशियन पेंट्स, एनटीपीसी, रिलायंस, होंडा, आईओसी, पैनासोनिक, योकोहामा, और डेंसो जैसे बड़े उद्योग स्थापित हुए। रेल कोच फैक्ट्री और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा मंजूर करवाया गया। प्रति व्यक्ति आय, निवेश, और रोजगार में हरियाणा को नंबर वन बनाया गया। लेकिन बीजेपी के कार्यकाल में एक भी IMT स्थापित नहीं हुई। कोई बड़ा निवेश नहीं आया। बढ़ते अपराध के कारण उद्योगों में भय का माहौल बना, और छोटे-बड़े उद्योगों ने हरियाणा से पलायन किया। रेल कोच फैक्ट्री और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा जैसे मंजूर प्रोजेक्ट्स को अन्य राज्यों में स्थानांतरित कर दिया गया। नतीजतन, हरियाणा बेरोजगारी, अपराध, नशा, पलायन, और भ्रष्टाचार में देश में पहले स्थान पर पहुंच गया।
बिजली क्षेत्र
कांग्रेस सरकार ने 5 नए पावर प्लांट और एक परमाणु संयंत्र मंजूर करवाया। देश में सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध कराई गई। घरेलू और कृषि बिजली के लिए अलग-अलग लाइनें, ट्रांसफार्मर, और फीडर बनाए गए। लेकिन बीजेपी ने एक भी पावर प्लांट या परमाणु संयंत्र स्थापित नहीं किया। अडाणी के साथ संशोधित समझौते के बाद हरियाणा में सबसे महंगी बिजली दी जा रही है।
परिवहन
कांग्रेस सरकार ने 81 किमी मेट्रो लाइन बनाकर 4 शहरों को जोड़ा। 250 किमी नई रेल लाइन बनी और मंजूर हुई। दिल्ली-सोनीपत-पानीपत और दिल्ली-गुड़गांव-अलवर के लिए RRTS मंजूर करवाया गया। लेकिन बीजेपी ने 11 साल में मेट्रो का एक भी खंभा नहीं लगाया, एक इंच रेल लाइन नहीं बढ़ाई, और RRTS पर कोई प्रगति नहीं हुई।
अनुसूचित जाति और गरीब कल्याण
कांग्रेस सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) और 4 लाख गरीब परिवारों को 100-100 गज के मुफ्त प्लॉट दिए। 3.5 लाख परिवारों को मुफ्त मकान, 15,000 ग्रामीण चौकीदार, 11,000 ग्रामीण सफाईकर्मी, और 13,000 शहरी सफाईकर्मी भर्ती किए। सफाईकर्मियों को स्थायी करने की नीति बनाई गई। 20 लाख गरीब स्कूली बच्चों को वजीफा दिया गया। मनरेगा योजना शुरू की गई, जिसमें देश में सबसे अधिक मजदूरी दी गई। 10,16,532 गरीब परिवारों को मुफ्त पानी का कनेक्शन, टंकी, और टोंटी दी गई। राशन कार्ड पर 5 किलो अनाज, दाल, चीनी, तेल, मिट्टी का तेल, और नमक दिया जाता था। SC के लिए बैकलॉग भरा गया और रिकॉर्ड नौकरियां दी गईं। SC निगम के करोड़ों रुपये के कर्ज माफ किए गए। SC के खिलाफ अपराधों पर त्वरित और सख्त कार्रवाई की गई। सोनीपत में डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम से लॉ यूनिवर्सिटी स्थापित की गई।वहीं, बीजेपी ने SC और गरीब परिवारों को एक इंच जमीन नहीं दी। मुफ्त मकान योजना बंद कर दी। ग्रामीण/शहरी सफाईकर्मी या चौकीदार की भर्ती नहीं की। सफाईकर्मियों को स्थायी करने की नीति खत्म की गई। छात्रवृत्ति घोटाला हुआ, और वजीफा बंद कर दिया गया। मनरेगा का बजट आधा किया और मजदूरों से रोजगार छीना। गरीब परिवारों को पानी की टंकी और टोंटी का बिल भेजा गया। राशन को 5 किलो अनाज तक सीमित कर दिया। नौकरियों का निजीकरण कर आरक्षण खत्म करने की कोशिश की गई। SC निगम के कर्ज माफ नहीं किए गए। SC के खिलाफ अपराध दोगुने हो गए, और कोई बड़ा शिक्षण संस्थान SC के नाम पर नहीं बनाया गया।
पिछड़ा वर्ग कल्याण
कांग्रेस सरकार ने पिछड़ा वर्ग (BC) के लिए क्लास 1 और 2 में आरक्षण 10% से बढ़ाकर 15% किया। BC-A को 10% अलग आरक्षण दिया गया। 100-100 गज के प्लॉट, वजीफा, और मकान योजनाओं में BC-A को शामिल किया गया। BC निगम के कर्ज माफ किए गए। केश कला और माटी कला बोर्ड बनाए गए। शिक्षा और रोजगार में BC-A के लिए आरक्षण लागू किया गया। लेकिन बीजेपी ने BC के लिए आरक्षण में कोई वृद्धि नहीं की। क्रीमी लेयर की आय सीमा घटाकर आरक्षण छीना। BC की सभी योजनाएं बंद कर दीं। BC निगम के कर्ज माफ नहीं किए। केश कला और माटी कला बोर्ड बंद कर दिए गए। डोमिसाइल की शर्त को 15 साल से घटाकर 5 साल कर SC-BC के आरक्षण पर असर डाला।
कृषि क्षेत्र
कांग्रेस सरकार ने किसानों के 1,600 करोड़ रुपये के बिजली बिल और 2,200 करोड़ रुपये के कर्ज माफ किए। शून्य ब्याज पर फसली ऋण दिए। गेहूं की MSP 126% और धान की MSP 143% बढ़ाई गई। गन्ने का मूल्य 117 रुपये से बढ़ाकर 310 रुपये किया गया। किसानों को समय पर सस्ती खाद, टैक्स-मुक्त दवाइयां, और उपकरण दिए गए, जिससे उन्हें कभी आंदोलन नहीं करना पड़ा। वहीं, बीजेपी के कार्यकाल में सबसे बड़ा किसान आंदोलन हुआ। एक भी बिजली बिल या कर्ज माफ नहीं किया गया। पहली बार किसानों पर जीएसटी लगाया गया। “मेरी फसल मेरा ब्यौरा” में उलझाकर किसानों को परेशान किया गया। MSP में कांग्रेस की तुलना में बहुत कम वृद्धि हुई। आंदोलन में 750 किसान शहीद हुए, लेकिन न MSP की गारंटी मिली, न दोगुनी आय का वादा पूरा हुआ। खाद के कट्टे का वजन घटाया गया, रेट बढ़ाए गए, और समय पर खाद नहीं दी गई। थानों में खाद बांटी गई, और फसल बीमा योजना के नाम पर किसानों को कंपनियों के हवाले कर दिया गया।
महिला कल्याण
कांग्रेस सरकार में हरियाणा महिला सुरक्षा और सम्मान में अग्रणी था। तिरंगे का मान बढ़ाने वाली महिला पहलवानों और खिलाड़ियों को देश में सबसे अधिक पुरस्कार और सम्मान दिए गए। शिक्षक भर्तियों में महिलाओं को 33% आरक्षण दिया गया। रजिस्ट्री फीस और स्टांप ड्यूटी में 2% छूट दी गई, और खून के रिश्तों में प्रॉपर्टी ट्रांसफर को स्टांप ड्यूटी से मुक्त किया गया। लेकिन बीजेपी के कार्यकाल में हरियाणा महिलाओं के खिलाफ अपराध में देश में पहले स्थान पर पहुंच गया। महिला खिलाड़ियों का अपमान हुआ, और खेल मंत्री पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
खेल
कांग्रेस ने 481 खेल स्टेडियम बनाए और “पदक लाओ, पद पाओ” नीति लागू की। स्कूल स्तर पर SPAT नीति शुरू की गई, और 750 पदक विजेता खिलाड़ियों की सीधी भर्ती की गई। लेकिन बीजेपी ने एक भी खेल स्टेडियम नहीं बनाया, SPAT नीति और 3% खेल कोटा खत्म कर दिया, और खिलाड़ियों की नियुक्ति व पदोन्नति बंद कर दी।.
महंगाई
कांग्रेस सरकार में हरियाणा में पड़ोसी राज्यों की तुलना में पेट्रोल-डीजल (8.9% VAT) सस्ता था, और गैस सिलेंडर 400 रुपये में मिलता था। लेकिन बीजेपी ने VAT बढ़ाकर पेट्रोल-डीजल को पड़ोसी राज्यों से महंगा कर दिया, और गैस सिलेंडर का दाम 1,200 रुपये तक पहुंच गया।

