जसपाल सिंह/रमोला न्यूज
देहरादून-चारधाम यात्रा केवल देवभूमि उत्तराखंड प्रदेश की सैर नहीं बल्कि देश का देशाटन है, टी राजा भलिभाँति जानते हैं, लाखों श्रद्धालू जो देश के अलग-अलग प्रांतों से विश्व प्रसिद्ध धामों यमुनोत्री, गंगोत्री, बद्रीनाथ, केदारनाथ के दर्शन करनें आते हैं, सनातन धर्म पर आस्था रखनें वाले सनातनियों की रक्षा सुरक्षा के लिए टी राजा वैसे भी जानें जाते हैं, टाइगर राजा के नाम से प्रसिद्ध टी राजा किसी परिचय के मोहताज नहीं है, हिंदू हृदय सम्राट, हिंदुत्व के पुजारी, सनातन के धर्म योद्धा विभिन्न उपाधियों से जाने जानें वाले टी राजा सिंह वैसे तो तेलंगाना के विधायक हैं, लेकिन देश की संस्कृति, धर्म, धामों, गौ, गंगा और सनातनियों के लिए उनका सरल, सहज, कोमल और टाइगर जैसा नेतृत्व देश का बच्चा-बच्चा जानता है।
जहाँ श्रद्धालुओं के 19 अप्रैल को यमुनोत्री गंगोत्री धाम के पट खुलनें हैं वहीं उत्तराखंड प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए तेलंगाना विधायक टी. राजा सिंह नें पत्र लिखा, आपका ध्यान आगामी चारधाम यात्रा की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ, जो करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए सबसे पवित्र तीर्थयात्राओं में से एक है, टाइगर राजा सिंह नें कहा कि चारधामों का अपना अलग एक आध्यात्मिक महत्व और आस्था है, जो विभिन्न प्रांतों से पहुँच रहे यात्रियों के लिए भी महत्वपूर्ण है, बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को देखते हुए और धामों की यात्रा अवधि के दौरान सुरक्षा, अनुशासन और पवित्रता के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करने को लेकर धाकड़ धामी को सुजाया।
टी राजा नें धाकड़ धामी के कार्यालय से निम्नलिखित उपायों पर विचार करने का अनुरोध किया, उन्होंने लिखित रूप से यात्रा को लेकर सुरक्षित, सुव्यवस्थित बनानें पर जोर दिया, आखिर क्यों टी राजा को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखनें की आवश्यकता पड़ी, यह कह पाना मुश्किल है, लेकिन अटकलें लगाई जा रही है कि पिछली बार यात्रा के दौरान उत्तरकाशी से 15 किमी. पीछे सिंगोटी के आस-पास यात्री बस के मुश्लिम ड्राइवर को लेकर कुछ मामला सामनें आया था, जिसे शासन प्रशासन और यात्रियों की चतुराई से गाड़ी से उतारकर पुलिस गिरफ्त में लिया गया, और दूसरा हिंदू ड्राइवर देकर यात्रियों को ऋषिकेश भेज दिया गया था।
पत्र में टी राजा सिंह नें मुख्यमंत्री धाकड़ धामी को तीन बिंदुओं पर सतर्कता रखनें पर जोर देने को कहा,
– यात्रा से जुड़े सभी व्यक्तियों, जिनमें ड्राइवर, सहायक, विक्रेता और सेवा प्रदाता शामिल हैं, के लिए अनिवार्य और सख्त सत्यापन, जिसमें पुलिस पृष्ठभूमि जाँच भी शामिल हो, क्योंकि किसी भी मुस्लिम को अनुमति नहीं देनें की बात कही।
– यात्रा क्षेत्रों में कार्यरत सभी कर्मियों के लिए आईडी-आधारित प्रवेश के साथ एक अस्थायी पंजीकरण प्रणाली व्यवस्था पर जोर दिया।
– सभी टूर ऑपरेटरों, ट्रैवल एजेंसियों, होटलों और स्थानीय प्रतिष्ठानों के साथ कड़े नियमन और निगरानी पर जोर देंनें की बात रखी।
