भारतीय स्त्री शक्ति ने कानूनी पेशेवरों के लिए “सॉफ्ट स्किल्स बनाम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के संबंध” पर संगोष्ठी का आयोजन किया

 

सुमेश कुमार/ रमोला न्यूज़

 चंडीगढ़: भारतीय स्त्री शक्ति की चंडीगढ़ इकाई ने कानूनी पेशे के बदलते परिदृश्य पर आधारित एक औपचारिक संगोष्ठी का सफल आयोजन किया, जिसका शीर्षक “कानूनी बिरादरी के बीच सॉफ्ट स्किल्स बनाम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का संबंध” था। इस कार्यक्रम में कानूनी विशेषज्ञों, विद्वानों और संगठन के सदस्यों ने इस बात पर विचार-विमर्श किया कि पारंपरिक वकालत कौशल, डिजिटल प्रौद्योगिकियों की तीव्र प्रगति के साथ कैसे तालमेल बिठाते हैं।

इस सत्र की शोभा माननीय न्यायमूर्ति पंकज जैन ने बढ़ाई, जो मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे। अपने संबोधन में, न्यायमूर्ति जैन ने इस बात पर जोर दिया कि हालांकि AI कानूनी अनुसंधान और दक्षता के लिए एक शक्तिशाली उपकरण है, लेकिन यह कानून के सूक्ष्म मानवीय तत्वों, जैसे सहानुभूति, नैतिक निर्णय और प्रेरक संचार का स्थान नहीं ले सकता।

चर्चा के दौरान इस बात पर प्रकाश डाला गया कि “सॉफ्ट स्किल्स”, जिनमें भावनात्मक बुद्धिमत्ता (एम्पैथी), बातचीत का कौशल और आलोचनात्मक सोच शामिल हैं, कानूनी बिरादरी का आधार बने हुए हैं। ये कौशल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की डेटा-संचालित प्रकृति को एक आवश्यक संतुलन प्रदान करते हैं।

सत्र की शुरुआत भारतीय स्त्री शक्ति की सह-संयोजक गीता शर्मा के गर्मजोशी भरे स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने गणमान्य व्यक्तियों का अभिवादन किया और समय-समय पर बौद्धिक चर्चाओं के माध्यम से महिलाओं और पेशेवरों को सशक्त बनाने के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

भारतीय स्त्री शक्ति एक राष्ट्रीय संगठन है जो नीतिगत वकालत, सामाजिक न्याय और व्यावसायिक विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए महिला सशक्तिकरण के कार्य के लिए समर्पित है। चंडीगढ़ इकाई लगातार ऐसी पहलों का नेतृत्व कर रही है जो पारंपरिक मूल्यों और आधुनिक तकनीकी प्रगति के बीच की खाई को पाटने का काम करती हैं।

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