सुमेश कुमार/ रमोला न्यूज़
चंडीगढ़, 4 जून, : पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया ने आज वर्ष 2026-27 की वृक्षारोपण योजना की तैयारियों की समीक्षा हेतु आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव (राज्यपाल, पंजाब), गृह सचिव-सह-सचिव (वन एवं वन्यजीव), मुख्य वन संरक्षक, नगर निगम आयुक्त, वन संरक्षक, मुख्य अभियंता (इंजीनियरिंग विभाग) तथा मुख्य अभियंता (नगर निगम) उपस्थित थे।
मुख्य वन संरक्षक ने वर्ष 2025-26 के दौरान किए गए वृक्षारोपण कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि ग्रीनिंग चंडीगढ़ एक्शन प्लान 2025-26 के अंतर्गत निर्धारित 5,76,221 पौधों के लक्ष्य के विरुद्ध कुल 6,64,133 पौधे लगाए गए। विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए पौधों का नियमित रखरखाव किया जा रहा है। वृक्षारोपण कार्यों की तृतीय पक्ष निगरानी नवंबर 2025 तथा मार्च 2026 में दो बार कराई गई, जिसके अनुसार पौधों की जीवित रहने की दर लगभग 79 प्रतिशत दर्ज की गई है।
बैठक में प्रशासक को वर्ष 2026-27 की व्यापक वृक्षारोपण योजना की तैयारियों से अवगत कराया गया, जिसे सभी संबंधित विभागों एवं हितधारकों के परामर्श से तैयार किया जा रहा है। बताया गया कि इस वर्ष वृक्षारोपण में संख्या की अपेक्षा गुणवत्ता पर विशेष बल दिया जाएगा। सभी विभागों को बेहतर वृद्धि एवं पौधों की अधिक जीवित रहने की दर सुनिश्चित करने के लिए गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। वन विभाग द्वारा बॉटनिकल गार्डन, सारंगपुर में वृक्षारोपण एवं पौधों की देखभाल संबंधी प्रशिक्षण भी आयोजित किया गया है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार आगामी मानसून सत्र में वन महोत्सव के दौरान वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया जाएगा। वर्ष 2026-27 के लिए सभी हरितकरण एजेंसियों का कुल लक्ष्य 4,19,854 पौधे निर्धारित किया गया है, जिसमें पौधों का वितरण एवं बिक्री भी शामिल है।
बैठक में दादूमाजरा क्षेत्र के लिए तैयार की गई वृक्षारोपण योजना की भी समीक्षा की गई। नगर निगम आयुक्त ने बताया कि वन विभाग के परामर्श से उक्त स्थल पर लगभग 10,000 पौधे लगाए जाएंगे। स्थल की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बांस, पुष्पीय वृक्षों की विभिन्न प्रजातियां, बोगनवेलिया, कपूर, नीम तथा अन्य उपयुक्त देशी एवं अनुकूलित प्रजातियों का रोपण किया जाएगा।
प्रशासक द्वारा ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। यह अभियान 5 जून को पंजाब लोक भवन में एक पौधा लगाकर उनके द्वारा प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने नगर निगम को निर्देश दिए कि इस अभियान में नागरिकों की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाए तथा विशेष रूप से आसपास के पार्कों एवं उद्यानों में वृक्षारोपण गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाए।
प्रशासक ने निर्देश दिए कि वृक्षारोपण स्थलों का चयन सावधानीपूर्वक किया जाए तथा पौधों की सुरक्षा के लिए आवश्यकता अनुसार ट्री गार्ड एवं फेंसिंग जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि जहां वृक्ष पर्याप्त रूप से विकसित हो चुके हैं वहां उपलब्ध पुराने ट्री गार्डों का पुनः उपयोग किया जा सकता है।
मुख्य अभियंता (इंजीनियरिंग विभाग) तथा मुख्य अभियंता (नगर निगम) को शहर की सड़कों के किनारे वृक्षारोपण में मौजूद सभी रिक्त स्थानों को भरने के निर्देश दिए गए। साथ ही उन्हें सड़कों एवं मार्गों के किनारे उपलब्ध खाली स्थानों पर उपयुक्त हरित आवरण, विशेष रूप से घास लगाने के लिए कहा गया। प्रशासक ने कहा कि इससे शहर की सुंदरता में वृद्धि होगी, मिट्टी का संरक्षण होगा तथा वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी सहायता मिलेगी।
