विश्व संगीत दिवस पर सुरों की गूंज, कलाकारों ने बांधा समां

सोनिका भाटिया/रमोला न्यूज
चंडीगढ़ – चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी द्वारा विश्व संगीत दिवस 2026 के अवसर पर रानी लक्ष्मीबाई महिला भवन में एक भव्य सांगीतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संगीत प्रेमियों और कलाकारों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया तथा सुरों की मधुर प्रस्तुतियों से माहौल को संगीतमय बना दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अकादमी की चेयरपर्सन डॉ. सुखमिंदर कौर बराड़ सहित डॉ. अमित गंगानी, बनिंदरजीत सिंह बन्नी, आर.डी. कैली, कुलदीप तूर, जरनैल घुमान और राखी हुंडल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने संगीत को संस्कृतियों और समाजों को जोड़ने वाली सार्वभौमिक भाषा बताया।
आयोजन की विशेष आकर्षण अकादमी की ओर से संचालित संगीत एवं वाद्य संगीत कार्यशालाओं के प्रतिभागियों की प्रस्तुतियां रहीं। पिछले दो महीनों से चल रही इन कार्यशालाओं में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे करीब 40 कलाकारों ने मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन किया। इन कार्यशालाओं का संचालन संगीत गुरु सुखविंदर सिंह और एस बिंटा भगानिया के मार्गदर्शन में किया गया।
युवा और वरिष्ठ कलाकारों ने शास्त्रीय, अर्धशास्त्रीय, लोक एवं समकालीन संगीत की मनोहारी प्रस्तुतियां देकर दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी। विभिन्न वाद्य यंत्रों पर दी गई प्रस्तुतियों ने भी कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए और श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
यह मंच उभरती प्रतिभाओं के लिए अपनी कला को प्रदर्शित करने और आत्मविश्वास के साथ मंचीय अनुभव प्राप्त करने का महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ। दर्शकों ने प्रतिभागियों के समर्पण, अभ्यास और प्रदर्शन की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर डॉ. सुखमिंदर कौर बराड़ ने कहा कि संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक एकता, रचनात्मक सोच तथा मानसिक और भावनात्मक संतुलन को मजबूत करने का प्रभावी साधन भी है। उन्होंने बताया कि अकादमी युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और देश की समृद्ध संगीत परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए नियमित रूप से प्रशिक्षण शिविर, कार्यशालाएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करती रहती है।
विश्व संगीत दिवस का यह आयोजन शानदार प्रस्तुतियों और उत्साहपूर्ण सहभागिता के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम ने एक बार फिर संगीत की शक्ति और उसकी सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देते हुए क्षेत्र में कला एवं संस्कृति के संरक्षण के प्रति अकादमी की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

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