हेमंत कुमार( रमोला न्यूज़ )
कालका, जुलाई 19
कालका और पिंजौर के हर कोने में आवारा कुत्ते घूमते हुए देखे जा सकते हैं। कुत्ते के काटने के मामलों में बढ़ोतरी के बावजूद, इस समस्या को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए हैं। अधिकारियों के लापरवाह रवैये को लेकर लोगों में नाराज़गी है।
सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाकों में कुरारी मोहल्ला, भारत नगर, प्रीत नगर, रेलवे कॉलोनी, रेलवे वर्कशॉप, अपर मोहल्ला और रेलवे स्टेशन शामिल हैं। लोग घरों से बाहर निकलने से कतराते हैं। कुछ लोगों ने तो टहलने जाना भी छोड़ दिया है। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहने वाले लोगों का कहना है कि कई बार आवारा कुत्तों ने उन पर हमला किया है। अपर मोहल्ला के निवासियों को रेलवे रोड से गुज़रने में डर लगता है। पिछले दिनों आवारा कुत्तों ने 12 लोगों पर हमला किया।
खेरा सीता राम की करतारी देवी और अमरजीत कौर को आवारा कुत्तों ने काट लिया। रेलवे कॉलोनी की कमला और रमन दीप, गुगा मारी कॉलोनी की रीना और रिहान, और टगरा काली राम के राहुल, शिवम, प्रीति और सुलोचना भी कुत्तों के हमले का शिकार हुए हैं।
पिछले महीने पिंजौर के चौणा चौक में एक पांच वर्षीय बच्चे को आवारा कुत्ते ने काट लिया। बच्चे के होंठ पर गंभीर चोट आई है। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और उसे बचाया। उन्होंने तुरंत बच्चे के माता-पिता को घटना की सूचना दी।
कालका में लावारिश कुत्तों की समस्या पिछले कुछ समय से काफी चर्चा में है। लोग इसे “आतंक” ही कह रहे हैं।
गली-मोहल्लों में डर: कालका की गलियों और सड़कों पर लावारिश कुत्ते पीछे दौड़ा लेते हैं। लोग बचाव के लिए डंडा साथ लेकर चलते हैं। पार्षद उजाला बक्शी ने भी बताया कि वह पोतियों को स्कूल छोड़ने डंडा लेकर जाती हैं।
– *हमले और चोटें* अहाता मुरारीलाल के पास एक बुजुर्ग सुशील साहनी के पीछे कुत्ता पड़ा, बचने के चक्कर में सिर पिलर से टकरा गया और 13 टांके आए।
– *लोगों की शिकायत*: कुराड़ी मोहल्ले के लोगों का कहना है कि संरक्षित पशु, सांड़, घोड़े और लावारिश कुत्ते मेन सड़क-गलियों में घूमते हैं। इससे बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं सब डरे हुए हैं। कई लोग दुर्घटनाग्रस्त भी हो चुके हैं।
इसी वजह से शहरवासियों ने एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन देकर शहर को संरक्षित पशुओं और लावारिश कुत्तों से मुक्ति दिलाने की मांग की।
