जसपाल सिंह/रमोला न्यूज
उत्तरकाशी- विकास खंड डुंडा के बरसाली क्षेत्र के अधिकांश गाँव नाकुरी, सिंगोट, कुन्सी, पाव, गढ़, डबरगांव, मराडी, बड़ियार गाँव, प्रधानमंत्री मोदी के डिजिटल इंडिया का मजाक बने हुए हैं, जहाँ भाजपा व्यवसायिक रूप से आधुनिक डिजिटल पेमेंट, पूर्व मनरेगा को बदल वर्तमान जी राम जी योजना और डिजिटल राशन बितरण में पारदर्षिता की बात करते नहीं थक रही है, वहीं नाकुरी सिंगोट क्षेत्र में लगे दूर संचार के दो टावर धामी सरकार के दावों की पोल खोलते नजर आ रहे हैं।
बरसाली पट्टी के अधिकांश गाँवों में मोबाईल कनेक्टिविटी प्रदेश बननें से पूर्व और उसके बाद भी रही है, कई वर्षो के लंबे इंतजार के बाद क्षेत्रवासियों को मुश्किल से दो टावर तो मिले लेकिन बीमार कनेक्टिविटी हालत में सिर्फ खड़े किए गए, स्वास्थ्य विभाग की सुविधाजनक सेवा- 108 भारी प्रसव पीड़ा और अन्य बीमारियों में भी दूर संचार अव्यवसथाओं के कारण नहीं मिल पाती हैं, इतना ही नहीं सुख दुःख की कोई भी खबर बन्द पड़े खड़े टावरों से नहीं सुनाई दे रही हैं।
जबकि बरसाली पट्टी क्षेत्र के विकास पुरुष कहे जानें वाले पूर्व कांग्रेस विधायक और वर्तमान में भाजपाई चेहरा विजयपाल सिंह सजवान इसी बरसाली पट्टी क्षेत्र से दो बार विधायक रह चुके हैं, बेशक गंगोत्री विधानसभा में ज्यादातर लाभ लेंनें वाले उनके खास समर्थक पूर्व विधायक सजवान को विकास पुरुष कहते हों, लेकिन टावर के लिए तरसते आम क्षेत्रवासी अपनें ही गृह क्षेत्र के पूर्व विधायक को विकास पुरुष नहीं अविश्वासी विधायक कह रहे है, जिस विधायक नें अपनें गृह क्षेत्र को नजर अंदाज किया हो वह विधायक विकास पुरुष कैसे हो सकता है।
वर्तमान की केंद्र सरकार व राज्य सरकारें भ्रष्टाचार मुक्त करनें के लिए तमाम विकासखंडों, विभागों, और जन-कल्याणकारी योजनाओं को डिजिटल तो कर रही हैं लेकिन बिना नेटवर्क और बन्द पड़े दूर संचार टावर सरकार की डिजिटल योजनाओं जी राम जी, राशन वितरण अनेकों कल्याणपरक योजनाओं और आधुनिक मोबाईल की बढ़ती सुख दुःख की आवश्यकताओं में दम तोड़ती नजर आ रही हैं।
