हेमंत कुमार/ रमोला न्यूज़ ब्यूरो
पिंजौर/कालका। 21 जुलाई :
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पिंजौर-कालका क्षेत्र का तीन बार दौरा कर चुके हैं, लेकिन शिवालिक विकास मंच प्रदेश अध्यक्ष एवं हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव विजय बंसल एडवोकेट का कहना है कि वर्षों से लंबित जनसमस्याओं के समाधान को लेकर अब तक कोई ठोस घोषणा या प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। विजय बंसल एडवोकेट का आरोप है कि वे कई वर्षों से अधिकारियों, मंत्रियों, मुख्यमंत्री और जनप्रतिनिधियों को बार-बार मांग पत्र सौंपते आ रहे हैं, लेकिन समस्याएं आज भी ज्यों की त्यों बनी हुई हैं।
विजय बंसल एडवोकेट में कहा कि बीजेपी सरकार कालका विधानसभा क्षेत्र से विकास के मामले में भेदभाव करती आ रही है। इसी का उदाहरण यह है कि ईतनी अधिक समस्याए होने के बावजूद पिछले 10 दिनों में मुख्यमंत्री दो बार पिंजौर और एक बार कालका का दौरा कर चुके हैं लेकिन एक बार भी उन्होंने जन समस्याओं के विषय में कुछ नहीं बोला ना ही समस्याओं के समाधान के लिए लोगों को कोई आश्वासन दिया है।
विजय बंसल एडवोकेट ने कहा कि पिछले दो 10 से मंजूर कालका के मिनी सेक्रेटेरिएट के बिल्डिंग का निर्माण नहीं किया गया है जबकि हरियाणा प्रदेश के सभी उपमंडल में मिनी सेक्रेटेरिएट बन चुके हैं। उन्होंने बताया कि सरकार लोगों को एक ही छत के नीचे सारी सुविधाएं देने से क्यों कतरा रही है जबकि शिवालिक विकास मंच द्वारा हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर करने के बाद पिंजौर के अर्बन कंपलेक्स के सेक्टर में जमीन की अलॉटमेंट की जा चुकी है उपमंडल न्यायालय के लिए धनराशि भी मंजूर हो चुकी है शिलान्यास भी किया जा चुका है लेकिन निर्माण आरंभ नहीं हुआ अभी तो मिनी सेक्रेटेरिएट के लिए भी प्रक्रिया आरंभ नहीं की गई है।
विजय बंसल एडवोकेट ने बताया कि सबसे बड़ा मुद्दा वर्ष 2016 में बंद हुई एचएमटी ट्रैक्टर फैक्ट्री पिंजौर का है। फैक्ट्री बंद होने से हजारों कर्मचारी और स्थानीय युवा बेरोजगार हो चुके है। उन्होंने मांग की है कि फैक्ट्री को दोबारा शुरू किया जाए या उसकी खाली पड़ी जमीन पर बड़े उद्योग स्थापित कर रोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएं। विजय बंसल एडवोकेट ने कहा कि सरकार द्वारा उद्योग लगाने के बजाय यहां एप्पल मंडी बना दी गई, जो साल में केवल करीब दो महीने ही संचालित होती है। इससे न तो स्थानीय किसानों को कोई विशेष लाभ मिला और न ही क्षेत्र के युवाओं को कोई रोजगारमिला है।
इसी प्रकार गांव मल्लाह स्थित बंद पड़े सीमेंट उद्योग की जगह अब तक कोई नया उद्योग स्थापित नहीं किया गया। वहीं कालका के लिए स्वीकृत 100 बेड के अस्पताल का निर्माण भी वर्षों बाद शुरू नहीं हो सका है, जिससे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए चंडीगढ़ पंचकूला या दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है।
विजय बंसल एडवोकेट ने कहा कि वर्ष 1996 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल ने गांव कजियाना में पर्यटन केंद्र की आधारशिला रखी थी कई बार मुख्यमंत्री मंत्री अधिकारियों को ज्ञापन दिए लेकिन आज तक पर्यटन केंद्र नहीं बनाया जा सका है। उन्होंने बताया कि महात्मा गांधी आवास योजना के तहत तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में गरीबों अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग के लोगों को 100-100 गज के प्लॉट आवंटित किए जाने थे लेकिन नगर परिषद क्षेत्र के गांव मानकपुर और सूरजपुर में लोग अभी भी प्लॉट मिलने का इंतजार कर रहे हैं जबकि लोगों की प्लॉट की रजिस्ट्री भी हो रखी है लेकिन उन्हें प्लॉट के कब्जे नहीं दिए गए हैं। विजय बंसल ने कहा कि केवल इतना ही नहीं वर्ष 2023 में पिंजौर खंड शिक्षा कार्यालय भवन निर्माण के लिए सरकार द्वारा 65 लाख की राशि जारी कर रखी है इसके लिए नगर परिषद द्वारा भी बीईओ कार्यालय भवन निर्माण की सिफारिश कर रखी है लेकिन अभी तक कार्यालय नहीं बना है।
विजय बंसल एडवोकेट ने कहा कि नगर परिषद पिंजौर-कालका क्षेत्र में धारा 7-ए लागू होने के कारण जमीनों की रजिस्ट्रियों पर लगी रोक भी लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है उनका कहना है कि इससे संपत्ति संबंधी कार्य ठप पड़े हैं और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। विजय बंसल ने कहा कि 4 वर्ष पूर्व हुए नगर परिषद के चुनाव में बीजेपी ने बड़े-बड़े वायदे किए थे जो पूरे नहीं हुए उसके बाद 2024 में लोकसभा और विधानसभा चुनावो में लोगों से बहुत ज्यादा वायदे किए लेकिन आज तक एक भी वादा पूरा नहीं किया गया।
विजय बंसल एडवोकेट ने कहा कि क्षेत्र की सफाई व्यवस्था पर भी स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं उनका कहना है कि जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं और नियमित सफाई नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विजय बंसल एडवोकेट ने कहा कि भाजपा सरकार की कालका से बेरुखी का आलम यह है कि खेड़ावाली (कालका) स्थित जीएनएम-एएनएम नर्सिंग कॉलेज का पिछले वर्ष उद्घाटन तो कर दिया गया था लेकिन आज तक वहां कक्षाएं शुरू नहीं हो सकी हैं। मजबूरन यहां की लड़कियों को अधिक पैसे खर्च करके दूरदराज के नर्सिंग कॉलेजो में ट्रेनिंग के लिए जाना पड़ रहा है।
विजय बंसल एडवोकेट ने कहा कि इसके अलावा पिंजौर-कालका क्षेत्र की कई सड़कें वर्षों से जर्जर अवस्था में हैं। नालो का निर्माण भी गलत से किया गया है ड्रेनेज सिस्टम सही न होने के कारण सड़क टूट रही हैं और पानी भर रहा है। मानसून के दौरान इन सड़कों पर जलभराव और गड्ढों के कारण लोगों का आवागमन और अधिक मुश्किल हो गया है। विजयपथ एडवोकेट ने कहा कि शिवालिक विकास मंच द्वारा और स्थानीय नागरिकों द्वारा बार-बार शिकायतों के बावजूद सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य में कोई तेजी नहीं दिखाई गई।
उन्होंने बताया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा द्वारा वर्ष 2012 में पिंजौर की लेखु कॉलोनी में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए बनाए गए 24 मकानों का आज तक आवंटन नहीं हो सका है। करीब 14 वर्ष बीत जाने के बावजूद पात्र परिवार अपने आशियाने का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस विषय में कई बार अधिकारियों मुख्यमंत्री और मंत्रियों को ज्ञापन दे चुके हैं उपायुक्त ने भी वर्ष 2015 में नगर निगम को मकान आवंटित करने के लिए लिखा था लेकिन आज तक आगे कोई कार्यवाही नहीं हुई है।
विजय बंसल एडवोकेट ने कहा कि बड़े शर्म की बात है कि मुख्यमंत्री के लगातार दौरों के बावजूद यदि उपरोक्त मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं होता है तो लोगों में निराशा और असंतोष बढ़ना स्वाभाविक है। विजय बंसल एडवोकेट ने बीजेपी सरकार से मांग की है कि विकास कार्यों की केवल घोषणाएं ही नहीं, बल्कि लंबित परियोजनाओं और जनसमस्याओं के समाधान के लिए समयबद्ध एवं ठोस कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।
