तिलक चंद रमोला नौगांव :
जन्मदिन को केवल केक काटने और पार्टियों तक सीमित रखने की बजाय राजकीय इंटर कॉलेज कंडारी के विद्यार्थियों ने उसे पर्यावरण संरक्षण का माध्यम बनाकर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित उत्तराखंडी फिल्म ‘ढोली’ के बाल कलाकार मास्टर ऋषभ ने अपना जन्मदिन पौधरोपण और जल स्रोत की सफाई कर मनाया।
विद्यालय की छुट्टी के बाद छात्र-छात्राएं कंडारी गांव स्थित पारंपरिक जल स्रोत ‘गाडै धारे’ पहुंचे। यहां सभी ने श्रमदान कर जल स्रोत की सफाई की तथा देवदार, बांज, जकरिंडा और रीठा सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे। इसके बाद मिष्ठान वितरण कर जल संरक्षण और हरित पर्यावरण का संदेश दिया।
फिल्म ‘ढोली’ में नायक जमनदास के बाल्यकाल की भूमिका निभाने वाले मास्टर ऋषभ ने अपने प्रभावशाली अभिनय और पारंपरिक ढोल वादन से कम उम्र में ही राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। उल्लेखनीय है कि ‘ढोली’ को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ उत्तराखंडी फीचर फिल्म का सम्मान प्राप्त हुआ है।
विद्यालय के कला शिक्षक सुरक्षा रावत ने बताया कि ऋषभ का चयन फिल्म के पहले ही ऑडिशन में हो गया था, जिसके बाद उसे उत्तरकाशी के नाल्ड गांव में हुई फिल्म की शूटिंग में अभिनय का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि अभिनय के साथ-साथ ऋषभ पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी बेहद सजग है। गत वर्ष उसने 17 पौधे लगाकर उनका संरक्षण किया था, जबकि इस वर्ष भी अपनी बहन रिया और साथियों के साथ कई पौधे रोपकर उनकी देखरेख का संकल्प लिया है।
इस अवसर पर सिमरन, अंशिका, रिया, प्रिया, श्रुति, दीक्षा, नव्या, अंशुल, शिवांश, प्रेरित, अक्षित सहित अन्य छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।
बच्चों की इस पहल की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है। जन्मदिन जैसे व्यक्तिगत उत्सव को जल संरक्षण, वृक्षारोपण और सामाजिक सरोकारों से जोड़कर विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि छोटी-छोटी पहल भी पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव ला सकती है।
