पुलिस की ज्यादती का पर्दाफाश करना जरूरी : दुष्यंत चौटाला

हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि छात्र हितों के लिए प्रदेशभर के युवाओं एवं सामाजिक लोगों की एक महापंचायत हिसार में होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों में एक पार्टी विशेष की आइडियोलॉजी को प्रचारित एवं प्रसारित करने के लिए तो अनुमति दी जाती है लेकिन अन्य किसी भी छात्र संगठन को विश्वविद्यालयों में नहीं घुसने दिया जा रहा। दुष्यंत ने कहा कि ऐसी खराब व्यवस्था के खिलाफ उनका ये संघर्ष है और इसी कड़ी में छात्रों हितों के लिए महापंचायत बुलाई गई है।

उन्होंने शुक्रवार को हिसार, जींद, रोहतक और झज्जर जिले में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि 27 अप्रैल को अपने बच्चों के भविष्य के लिए ज्यादा से ज्यादा लोग इकट्ठा होकर हिसार के कार्तिमान पार्क में पहुंचे। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि कहीं ना कहीं हरियाणा सरकार भी हिसार घटनाक्रम के दोषी पुलिस वालों को बचाने में लगी हुई है और छात्र हित में लड़ी जा रही इस लड़ाई को कमजोर करने की कोशिश कर रही है, लेकिन हम संघर्ष जारी रखेंगे। पत्रकारों से रूबरू होते हुए पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष या विभाग से नहीं है बल्कि पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस द्वारा रची गहरी साजिश का पर्दाफाश करने और छात्र हित में व्यवस्था परिवर्तन के लिए है। एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि प्रशासन ने जांच के लिए एसआईटी तो गठित कर दी लेकिन एसआईटी का इंचार्ज ऐसे डीएसपी को बनाया है जो खुद रात को कार्यकर्ताओं की धरपकड़ करने गई टीम में शामिल थे, जिसकी वीडियो फुटेज हमारे पास है। इतना ही नहीं इसी अधिकारी ने बिना जांच किए सीआईए और अन्य पुलिस वालों को क्लीन चिट दी है, जबकि हमारी शिकायत पर पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि मुझे और दिग्विजय चौटाला को इस संबंध में कोई नोटिस नहीं दिया गया है जबकि सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों को नोटिस दिए गए थे, जिनका सुरक्षाकर्मियों द्वारा ई-मेल के माध्यम से जवाब भी दे दिया गया था। एक सवाल के जवाब में पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि सीआईए का काम क्राइम करने वालों को पकड़ने का होता है लेकिन इन पुलिस वालों की कार्यप्रणाली ये बयां कर रही है कि वो क्राइम रोकने की बजाय खुद ही अपराध करने में लिप्त हो रहे है। इस दौरान पुलिस द्वारा पकड़े गए सभी छह जेजेपी नेताओं ने भी हिसार पार्टी कार्यालय में पुलिस की प्रताड़ना को विस्तार से बताया।

जेजेपी एससी सेल के जिलाध्यक्ष बिजेंद्र धानक ने बताया कि उन्हें रात के अंधेरे में उठाया गया और घर के जिस कमरे में सीसीटीवी का वीडियो रिकॉर्डर लगा था, उसमें उनकी नाबालिग बेटी सोई हुई थी, वहां पुलिसकर्मी बिना पुलिस की वर्दी में जाकर चारपाई पर चढ़कर वीडियो रिकॉर्डर उतारकर लेकर आए। इसी तरह रवि आहुजा के घर पर पुलिस द्वारा पिस्टल लोड की गई। गौरव सैनी ने बताया कि उसके छोटे बच्चे के सामने सादी वर्दी में पुलिस वालों ने पिस्टल लोड करके धमकाया। जितेंद्र श्योराण ने बताया कि उसके घर से पुलिस डीवीआर लेकर गए थे, जिसे कल चोरी-छिपे वापस सिविल ड्रेस में कोई देकर गया और इस संबंध में अर्बन एस्टेट थाने में शिकायत दी गई लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि इन सभी के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहे है और जब तक व्यवस्था परिवर्तन नहीं होगा, तब तक कानूनी लड़ाई निरंतर जारी रहेगी। दुष्यंत ने ये भी कहा कि कानून के तहत सीआईए को सादी वर्दी में रहने का अधिकार नहीं है इसलिए डीजीपी को जवाब देना चाहिए कि किसी आधार पर सीआईए वाले आधी रात को बिना पुलिस की वर्दी के कार्यकर्ताओं के घर घुसे। उन्होंने सीआईए पुलिस की गाड़ी के काले शीशे और अज्ञात नंबर प्लेट पर भी सवाल उठाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *