चंडीगढ़, 27 अगस्त – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने गरीब परिवारों को राहत देते हुए विधानसभा में बड़ा ऐलान किया। उन्होंने घोषणा की कि प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना और मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत शहरों में 50 गज और ग्रामीण क्षेत्रों में 100 गज तक के रिहायशी प्लॉट की रजिस्ट्री पर अब स्टाम्प ड्यूटी नहीं लगेगी। इस कदम से प्रदेश के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा और मकान का सपना पूरा करने में आर्थिक बोझ कम होगा।
विपक्ष के आरोपों का खंडन
मुख्यमंत्री सदन में विपक्ष द्वारा कलेक्टर रेट वृद्धि पर लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब दे रहे थे। उन्होंने विपक्ष को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि वर्ष 2004 से 2014 तक कांग्रेस सरकार ने कलेक्टर रेट में औसतन 25.11 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी, जबकि मौजूदा सरकार के कार्यकाल (2014 से 2025) में यह वृद्धि केवल 9.69 प्रतिशत रही। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार ने रजिस्ट्री पर कोई नया टैक्स नहीं लगाया बल्कि पारदर्शिता सुनिश्चित की है।
स्टाम्प ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2008 से अब तक पुरुषों के लिए स्टाम्प ड्यूटी की दर 7 प्रतिशत और महिलाओं के लिए 5 प्रतिशत ही है और इसमें कोई वृद्धि नहीं की गई है। उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि असल मुद्दा कलेक्टर रेट का नहीं बल्कि उन लोगों का है जो ब्लैक मनी के सहारे स्टाम्प ड्यूटी चोरी करते हैं।
गौशाला जमीन पर पूरी छूट
उन्होंने बताया कि गौशालाओं की जमीन की खरीद-फरोख्त पर 2019 में स्टाम्प ड्यूटी घटाकर 1 प्रतिशत कर दी गई थी, जिसे इस वर्ष 2025 में पूरी तरह माफ कर दिया गया है।
पारदर्शी फार्मूला और डेटा-आधारित प्रक्रिया
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारें बिल्डरों और भू-माफियाओं को फायदा पहुंचाने के लिए कलेक्टर रेट में बदलाव करती थीं। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि 2008 में फरीदाबाद में 300 प्रतिशत, 2011-12 में 220 प्रतिशत, करनाल में 2012-13 में 220 प्रतिशत और महेंद्रगढ़ व झज्जर में 100 से 109 प्रतिशत तक रेट बढ़ाए गए थे।
वर्तमान सरकार ने 2,46,812 सेगमेंट में से 72.01 प्रतिशत क्षेत्रों में केवल 10 प्रतिशत की वृद्धि की है। प्रत्येक क्षेत्र की शीर्ष 50 प्रतिशत रजिस्ट्रियों का विश्लेषण कर जहां रजिस्ट्री मूल्य कलेक्टर रेट से 200 प्रतिशत अधिक था, वहां अधिकतम 50 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है।
सुशासन और पारदर्शिता की ओर कदम
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य काले धन पर रोक लगाना, पारदर्शी लेन-देन को बढ़ावा देना और आमजन को वास्तविक मूल्य पर संपत्ति खरीदने का अवसर प्रदान करना है।
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