खाद्य पदार्थ, कृषि उपकरण, वस्त्र और स्वास्थ्य सेवाओं पर जीएसटी में बड़ी कटौती; हरियाणा जीएसटी संग्रह में रिकॉर्ड वृद्धि
चंडीगढ़, 6 सितम्बर।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और वित्त मंत्री के प्रयासों से जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। इन निर्णयों से रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती होंगी, किसानों की लागत घटेगी और उद्योगों को मजबूती मिलेगी।
दो ही मानक दरें रहेंगी लागू
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब जीएसटी की केवल दो दरें रहेंगी — 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत। लग्जरी और अहितकारी वस्तुओं पर 40 प्रतिशत टैक्स लागू होगा। उन्होंने कहा कि इससे वर्गीकरण विवाद और मुकदमेबाजी कम होगी तथा करदाताओं को बड़ी राहत मिलेगी।
खाद्य पदार्थों पर जीएसटी समाप्त
सीएम सैनी ने कहा कि रोजमर्रा की रसोई संबंधी वस्तुओं पर जीएसटी पूरी तरह हटा दिया गया है। इसके अलावा सैस (cess) को भी समाप्त कर दिया गया है, जिससे उपभोक्ताओं पर टैक्स का बोझ काफी घटेगा।
किसानों के लिए राहत
कृषि क्षेत्र पर विशेष ध्यान देते हुए जीएसटी दरों में उल्लेखनीय कमी की गई है।
सिंचाई और जुताई मशीनरी पर जीएसटी 12% से घटाकर 5%।
ट्रैक्टर और उसके पुर्ज़ों पर दरों में कमी।
सौर ऊर्जा उपकरणों पर भी कर दर घटाई गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे किसानों की उत्पादन लागत घटेगी और कृषि को नई दिशा मिलेगी।
वस्त्र उद्योग को बढ़ावा
वस्त्र उद्योग को भी राहत देते हुए जीएसटी में कमी की गई है।
धागे और कपड़े पर कर 18% से घटाकर 5%।
सिलाई मशीन पर जीएसटी 18% से घटाकर 5%।
इससे उद्योग को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी और उपभोक्ताओं को भी किफायती दरों पर वस्त्र उपलब्ध होंगे।
स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष फोकस
जनहित को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को और सुलभ बनाया गया है।
जीवन रक्षक दवाओं पर जीएसटी 12% से घटाकर शून्य।
मेडिकल उपकरणों पर केवल 5% कर।
जीवन और स्वास्थ्य बीमा पर जीएसटी पूरी तरह समाप्त।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम मध्यम वर्ग और गरीब वर्ग के लिए जीवन रक्षक साबित होंगे।
वाहन और निर्माण क्षेत्र को फायदा
सरकार ने आम जनता के लिए वाहन खरीदना आसान और निर्माण लागत कम करने के कदम भी उठाए हैं।
पेट्रोल (1200 सीसी तक) और डीजल (1500 सीसी तक) गाड़ियां अब 18% जीएसटी स्लैब में।
सीमेंट पर जीएसटी 28% से घटाकर 18%।
हरियाणा का शानदार प्रदर्शन
मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि हरियाणा जीएसटी संग्रह में लगातार रिकॉर्ड बना रहा है।
पिछले वर्ष अगस्त की तुलना में इस वर्ष अगस्त में 31% की वृद्धि।
चालू वित्त वर्ष में अब तक शुद्ध SGST संग्रह में 20% की बढ़ोतरी।
सकल जीएसटी संग्रह में हरियाणा देश में पांचवें स्थान पर।
2024-25 में राज्य ने 39,743 करोड़ रुपये का शुद्ध SGST संग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सुधार केवल कर ढांचे में बदलाव नहीं बल्कि आम जनता की आर्थिक मजबूती, किसानों की लागत में कमी, उद्योगों की वृद्धि और स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता की दिशा में ऐतिहासिक कदम हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि “एक राष्ट्र, एक कर और एक बाजार” की अवधारणा भारत की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी और हरियाणा इसमें अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा।

