*मुख्यमंत्री ने 81 किमी की ऐतिहासिक ट्रैकिंग पूरी करने वाली बेटियों से की मुलाकात*
पंचकूला 25 मार्च : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज 4 दिनों में 81 किलोमीटर कालका सिंहवाला तक की चुनौतीपूर्ण ट्रैकिंग पूरी करने वाली बेटियों से भेंट की। मुख्यमंत्री ने इस साहसिक उपलब्धि के लिए बेटियों की प्रशंसा की और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़कर भाग लेती हैं चाहे वह खेल का मैदान हो प्रशासनिक सेवाएं हों या फिर पर्यावरण संरक्षण की बात क्यों ना हो हरियाणा की बेटियां हर क्षेत्र में नाम रोशन करती हैं । हरियाणा सरकार भी युवाओं के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार बेहतर अनुभव और अवसर उपलब्ध कराने के लिए नई आधारभूत संरचनाओं का निर्माण कर रही है। ताकि युवाओं को आगे बढ़ने के लिए अनुकूल वातावरण मिल सके। उन्होंने कहा कि हरियाणा अपनी बहुमुखी प्रतिभा और रिकॉर्ड बनाने की परंपरा के लिए जाना जाता है । और आज बेटियों ने 4 दिनों में 81 किलोमीटर की ट्रैकिंग पूरी कर एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। सभी बेटियों को हार्दिक शुभकामनाएं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं ।
इस अवसर पर युवा कल्याण संयोजक ने बताया कि यह कार्यक्रम हरियाणा सरकार के युवा कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि इस साहसिक कैंप में श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय की 6 छात्राओं डॉ शिवानी, डॉ् वैशाली, डॉ रमन, डॉ् अल्का, डॉ हिमानी, डॉ् खुशबू, भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय से काजल हिमांशी दीक्षा, सीनी ,वंशिका, मुन्नी, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी राई, से अंतिम प्रिया तमन्ना अवी कोमल एमएसएम आयुर्वेद कॉलेज से सोनाली ने 81 किलोमिटर के चुनौतिपूर्ण और रोमांचकारी ट्रेकिंग कार्यक्रम में सम्मिलित होकर सफलतापूर्वक पूर्ण किया । कुल 18 बेटियों ने इस ट्रैक को सफलतापूर्वक पूरा किया। ये बेटियों कालका से सिंहवाला तक 81 किलोमीटर की ट्रैकिंग पूरी करने वाली हरियाणा की पहली बेटियॉ हैं, जिससे प्रदेश का मान बढ़ा है।
सयोंजक नरेंद्र सिंह ने इस ऐतिहासिक प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यह 4 दिवसीय ट्रैकिंग कार्यक्रम मुख्यमंत्री के निर्देश अनुसार हरियाणा सरकार द्वारा विशेष रूप से आयोजित किया गया था। जिसमें राज्यभर से 19 छात्राओं ने भाग लिया। यह राज्य में पहली बार था जब छात्राओं ने इतनी लंबी दूरी तय की और उसे सफलता पूर्वक पूरा किया।
उन्होंने छात्राओं को उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण के लिए बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा यह उपलब्धि न केवल छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत है, बल्कि यह बेटियों की शक्ति, साहस और दृढ़ निश्चय का प्रतीक भी है।कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों के साहस अनुशासन एवं दृढ़ संकल्प की सराहना की गई।
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