महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत जिले को सर्वाधिक लिंगानुपात प्राप्त करने के लिए किया गया सम्मानित*

 

पंचकूला, 25 मार्च महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा द्वारा पंचकूला जिले को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत वर्ष 2025 में राज्य का सर्वाधिक लिंगानुपात प्राप्त करने के लिए सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास, पंचकूला डॉ. सविता नेहरा तथा जिला मिशन समन्वयक श्रीमती किरण भाटिया को महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी द्वारा सम्मानित किया गया।

यह उपलब्धि पंचकूला जिले के निरंतर प्रयासों और समर्पित कार्यशैली का परिणाम है। जिले में लिंगानुपात सुधारने हेतु डॉ. सविता नेहरा एवं उनकी टीम द्वारा विभिन्न स्तरों पर प्रभावी पहल की गई। ग्रासरूट स्तर पर उन गर्भवती महिलाओं से दूरभाष के माध्यम से नियमित संपर्क स्थापित किया गया, जिन महिलाओं के पास पहले से बेटियां हैं। दूरभाष पर संपर्क के दौरान उन महिलाओं को लिंग जांच करना तथा करवाना गैरकानूनी है, इस बारे भी जागरूक किया गया ताकि गर्भपात के मामलों को रोका जा सके।

साथ ही, दूरभाष के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार ग्रहण करने के लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई तथा गर्भपात के होने वाले गंभीर नुकसानों के प्रति भी जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि बार-बार या असुरक्षित गर्भपात से महिलाओं के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है, जैसे अत्यधिक रक्तस्राव, संक्रमण, कमजोरी, भविष्य में गर्भधारण में कठिनाई तथा कई मामलों में जान का भी खतरा हो सकता है। इसलिए सुरक्षित मातृत्व को अपनाना और गर्भावस्था को पूर्ण अवधि तक बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।

संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ऐसे परिवारों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा नियमित होम विजिट्स भी की गईं, जिनके दौरान गर्भवती महिलाओं के हीमोग्लोबिन स्तर, वजन तथा उनके खान-पान पर विशेष नजर रखी गई। उन्हें आयरन युक्त एवं पौष्टिक आहार ग्रहण करने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि उनके हीमोग्लोबिन में सुधार हो सके और वे आगे चलकर स्वस्थ शिशु को जन्म दे सकें।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा गर्भवती महिलाओं को विभागीय योजनाओं, सुरक्षित मातृत्व तथा स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत कराया गया और उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया। इसके अतिरिक्त, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया गया कि वे संबंधित महिलाओं के घर नियमित रूप से जाकर उन्हें जागरूक करें तथा आवश्यक सहयोग प्रदान करें।

इन समर्पित प्रयासों के फलस्वरूप वर्ष 2025 में पंचकूला जिले ने 971 का लिंगानुपात प्राप्त कर हरियाणा राज्य में प्रथम स्थान हासिल किया, जो अब तक का सर्वाधिक (हाईस्ट) लिंगानुपात है।

इस उपलब्धि के लिए सभी महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारियों, सुपरवाइजरों तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के अथक प्रयास अत्यंत सराहनीय हैं। विभाग द्वारा भविष्य में भी इसी प्रकार पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करते हुए जिले के लिंगानुपात को और बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास जारी रखे जाएंगे।

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