विजय बंसल एडवोकेट ने वर्षों से टूटी-फूटी पिंजौर कालका पुराने हाईवे की सड़क को तुरंत रिकारपेटिंग करने की मांग की

 

सुरेंद्र सिंह /रमोला न्यूज़
पिंजौर 31 मार्च :पिंजौर-कालका मेन रोड की खस्ताहाल स्थिति ने स्थानीय लोगों और राहगीरों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे और उखड़ी हुई बदहाल सड़क यातायात के लिए गंभीर खतरा बन चुकी हैं। रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उपरोक्त समस्या का कड़ा संज्ञान लेते हुए शिवालिक विकास मंच प्रदेश अध्यक्ष विजय बंसल एडवोकेट ने एडवोकेट दीपांशु बंसल, एडवोकेट सजल बंसल के माध्यम से एडिशनल चीफ सेक्रेटरी पीडब्लूयुडी (बीएन्डआर) हरियाणा सरकार, इंजीनियर इन चीफ पीडब्लूयुडी और डीसी पंचकूला को लीगल नोटिस भेज कर पिंजौर से कालका की खराब और असुरक्षित हालत में सड़क की रिकारपेटिंग करने और सड़क को चार लेन चौड़ा करने, और करोड़ों रुपए खर्च कर गलत तरीके से सड़क की कारपेटिंग करने की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने का अनुरोध करते हुए कहा कि यदि आगामी 15 दिनो के भीतर सड़क की रिकारपेटिंग करने और फोर लेन सड़क बनाने के निर्देश जारी न किए गए तो उन्हें मजबूरन हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।

विजय बंसल ने नोटिस में कहा कि करोड़ों रुपए खर्च कर पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों और प्रशासन की लापरवाही के कारण पिंजौर- कालका मेन रोड की हालत बहुत खराब है इन दोनों शहरों की कनेक्टिविटी पूरी तरह से टूट चुकि है और आम लोगों को बहुत परेशानी हो रही है। वाहन खराब होने से लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क पर जगह-जगह इतने अधिक गड्ढे हैं सड़क ऊबड़ खाबड़ है जो की पैदल चलने वालो और गाड़ियों के लिए असुरक्षित है, केवल इतना ही नहीं ट्रैफिक जाम की भी शिकायतें आ रही हैं।

विजय बंसल एडवोकेट ने नोटिस में बताया कि दोनों शहरों के लाखों लोग प्रतिदिन स्कूल, कॉलेज, ऑफिस, फैक्ट्री और अपनी ट्रांसपोर्ट गाड़ियों आदि से अपने कार्यों के लिए प्रतिदिन इसी सड़क का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन मौजूदा बदहाल सड़क एक गंभीर जानलेवा खतरा बन चुकी है। क्योंकि इसकी वजह से पहले भी यहां कई एक्सीडेंट हो चुके हैं, गाड़ियों को नुकसान पहुंचा है और लोगों की जान को भी खतरा हुआ है जिसमें कुछ लोगों ने अपनी जान भी गवाई है। विजय बंसल ने कहा कि कई बार अधिकारियों को शिकायत की बावजूद इसके खस्ता हाल सड़क की रिपेयर के लिए कोई पुख्ता कदम नहीं उठाए गए। जोकि संबंधित अधिकारियों की ड्यूटी में बड़ी लापरवाही, कोई कार्रवाई न करना, और आम नागरिकों के बुनियादी अधिकारों का हनन है। जबकि भारतीय संविधान के आर्टिकल 21 के तहत आम नागरिकों को सुरक्षित आवागमन करने और सुरक्षित जीने का अधिकार भी शामिल है। विजय बंसल ने कहा कि पीडब्ल्यूडी विभाग की यह कानूनी और सार्वजनिक ड्यूटी है कि वो सड़क को पक्का करें ताकि यह सुरक्षित और चलने लायक हो लेकिन विभाग इस ड्यूटी को करने में नाकाम रहा है जिससे आम लोगों को न केवल बहुत परेशानी हुई उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचा और मानसिक तकलीफ भी उठानी पड़ रही है। लगता है संबंधित भाग के अधिकारियों ने पिंजौर और कालका क्षेत्र के लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया है एक बार भी इस सड़क की मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया गया उन्हें आम जनता की तकलीफों की कोई परवाह नहीं है।

विजय बंसल ने कहा कि करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद भी सड़क की हालत खस्ता है सड़क किनारे बनाए गए ड्रेनस नाले भी बेकार हैं इसलिएइस सड़क की खराब तरीके से रिकारपेटिंग करने की जांच की जाए और दोषियों पर कार्रवाई की जाए।

विजय बंसल ने कहा कि अब तो बारिश के बाद हालात और भी बदतर हो गए हैं, क्योंकि गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। इससे अक्सर दोपहिया वाहन चालक संतुलन खो बैठते हैं और हादसों का खतरा बढ़ जाता है। कई वाहन चालकों का कहना है कि इस सड़क से गुजरते समय उन्हें अपने वाहनों की गति बहुत कम करनी पड़ती है, जिससे जाम की स्थिति भी बन जाती है। बंसल ने कहा कि स्थानीय निवासियों के अनुसार खराब सड़क के कारण वाहनों के टायर, सस्पेंशन और अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंच रहा है, खासकर ऑटो और टैक्सी चालकों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है, क्योंकि बार-बार मरम्मत करवानी पड़ती है, इतना ही नहीं आपातकालीन सेवाओं जैसे एंबुलेंस को भी इस रास्ते से गुजरने में देरी होती है, जो गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है।

विजय बंसल ने पीडब्ल्यूडी विभाग और जिला प्रशासन से अपेक्षा की है कि वह इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और दुर्घटनाओं की संभावना पर रोक लगाई जा सके।

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