बड़ा फैसला: मंडियों में किसानों की सहूलियत के लिए हरियाणा सरकार ने बदला एंट्री का तरीका

चंडीगढ़ : हरियाणा की अनाज मंडियों में फसल सीजन के दौरान गेट पास कटवाने के लिए घंटों लाइन में लगने वाले किसानों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश सरकार ने ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ और ई-खरीद पोर्टल की प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाते हुए ट्रैक्टर-ट्रॉली की नंबर प्लेट की अनिवार्यता से जुड़े नियमों में बड़ी ढील दी है। अब किसान अपनी ट्रॉली पर या एक साधारण कागज पर वाहन का नंबर लिखकर भी मंडी में प्रवेश पा सकेंगे।

दरअसल, पिछले कुछ सीजन के दौरान यह देखा गया था कि मंडियों के गेट पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) सिस्टम या कर्मचारी द्वारा नंबर प्लेट की फोटो लेने की प्रक्रिया में काफी समय खराब होता था। कई पुराने ट्रैक्टरों या ट्रॉलियों पर नंबर प्लेट स्पष्ट नहीं होती थी, जिसके कारण गेट पास जनरेट नहीं हो पाता था और मंडियों के बाहर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती थीं। किसानों की इस व्यावहारिक समस्या को देखते हुए विभाग ने निर्देश जारी किए हैं कि तकनीकी पेचीदगियों के कारण किसी भी किसान की फसल की एंट्री नहीं रोकी जाएगी।

नए आदेशों के अनुसार, मंडी के प्रवेश द्वार (Entry Gate) पर अब निम्नलिखित विकल्प मान्य होंगे। यदि ट्रैक्टर या ट्रॉली पर नंबर प्लेट नहीं है, तो किसान एक सफेद कागज पर अपना पंजीकृत वाहन नंबर लिखकर गेट ऑपरेटर को दे सकता है। गेट ऑपरेटर उस कागज पर लिखे नंबर को पोर्टल में मैन्युअल रूप से दर्ज करेगा, जिससे तुरंत गेट पास जारी हो जाएगा। यह नंबर किसान के ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पंजीकृत डेटा से मेल खाना चाहिए।

किसानों और आढ़तियों ने किया स्वागत
सरकार के इस फैसले का किसान संगठनों और आढ़ती एसोसिएशन ने स्वागत किया है। किसानों का कहना है कि कटाई के पीक सीजन में समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। नंबर प्लेट के छोटे से झंझट के कारण मंडी के बाहर रात गुजारनी पड़ती थी, जो अब नहीं होगा।

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