सोनिका भाटिया
चंडीगढ़
लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह ने 1 अप्रैल 2026 को वेस्टर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (GOC-in-C) के रूप में जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार का स्थान लिया, जो 31 मार्च को लंबे और सफल सैन्य करियर के बाद सेवानिवृत्त हुए।
पैराशूट रेजिमेंट (स्पेशल फोर्सेज) के अनुभवी अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह को दिसंबर 1987 में 4वीं बटालियन में कमीशन मिला था। उन्होंने इंडियन मिल्ट्री अकादमी, देहरादून से प्रशिक्षण प्राप्त किया और लखनऊ विश्वविद्यालय से अपनी उच्च शिक्षा पूरी की।
करीब चार दशक के अपने सैन्य जीवन में उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं। वे उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं के संवेदनशील और कठिन इलाकों में तैनात फॉर्मेशनों का नेतृत्व कर चुके हैं। उनके अनुभव में ‘ऑपरेशन पवन’ के दौरान सक्रिय भूमिका निभाना और ‘लाइन ऑफ कंट्रोल’ व अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कई काउंटर-इंसर्जेंसी ऑपरेशन शामिल हैं।
इससे पहले वे वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के पद पर कार्यरत थे, जहां उन्होंने सेना की तैयारियों को मजबूत करने, संसाधनों के बेहतर उपयोग और नई क्षमताओं के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। डायरेक्टर जनरल ऑपरेशनल लॉजिस्टिक्स के रूप में भी उन्होंने सेना की मूवमेंट, सप्लाई सिस्टम और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को और प्रभावी बनाने पर काम किया।
लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह ने सिकंदराबाद स्थित कॉलेज ऑफ डिफेंस मैनेजमेंट और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन से भी विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है। वे पंजाब विश्वविद्यालय से फिलॉस्फी में मास्टर डिग्री धारक भी हैं।
अपने उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल और सेना मेडल (दो बार) से सम्मानित किया जा चुका है।
नई जिम्मेदारी संभालने के बाद उन्होंने सेना की उच्च स्तर की ऑपरेशनल तैयारी बनाए रखने, नई तकनीकों को अपनाने और सैनिकों के मनोबल व कल्याण को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उनके अनुसार उनके नेतृत्व में वेस्टर्न कमांड आधुनिक युद्ध की जरूरतों के अनुरूप ड्रोन और काउंटर-ड्रोन सिस्टम, इंटेलिजेंस आधारित ऑपरेशन और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान देगी, साथ ही सिविल प्रशासन के साथ बेहतर तालमेल भी सुनिश्चित किया जाएगा।
