सुरेंद्र सिंह/ रमोला न्यूज़
कालका: हिमाचल में सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को टोल राहत देने के फैसले के बाद अब पास बनाने की प्रक्रिया को और सरल व तेज़ करने की मांग उठने लगी है। कालका के पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी ने इस दिशा में सुझाव देते हुए कहा कि सरकार का राहत देने का कदम सराहनीय है, लेकिन इसका पूरा लाभ तभी मिलेगा जब पास बनवाने की प्रक्रिया आसान हो।
प्रदीप चौधरी ने बताया कि हिमाचल बॉर्डर से जुड़े 5 किलोमीटर दायरे के लोग पास बनवाने के लिए ज्यादा भाग दौड़ करनी पड़ रही है। हाल ही में शुरू हुई इस व्यवस्था में तकनीकी और प्रक्रियात्मक कारणों से देरी हो रही है। इससे रोज़ाना आवाजाही करने वाले स्थानीय नागरिकों को फिलहाल दिक्क्त बढ़ रही है।
उन्होंने सुझाव दिया कि प्रशासन इस प्रक्रिया को और सुगम बनाए और सीमावर्ती इलाकों में विशेष काउंटर या कैंप लगाकर मौके पर ही पास जारी किए जाएं, ताकि लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
चौधरी ने स्पष्ट किया कि टोल दरों में राहत देने का फैसला आम जनता के हित में एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन जल्द ही पास प्रक्रिया में आ रही दिक्कतों को दूर कर लोगों को राहत पहुंचाएगा।
