मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में मंत्रिमंडल ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी रोकने और सज़ाओं को और सख्त बनाने के लिए कानून में संशोधन को मंजूरी दी

चंडीगढ़ : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में मंत्रिमंडल ने आज ‘जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक-2026’ में सख्त संशोधनों को मंजूरी दे दी है। इन संशोधनों के तहत श्री गुरु ग्रंथ साहिब की पवित्रता और सम्मान बनाए रखने तथा बेअदबी के दोषियों को कड़ी सज़ा देने के लिए उम्रकैद तक का प्रावधान किया गया है। यह संशोधन विधेयक सोमवार को पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में पेश किया जाएगा।

यह फैसला आज यहां मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने जानकारी देते हुए बताया कि बीते समय में श्री गुरु ग्रंथ साहिब और अन्य पवित्र ग्रंथों की बेअदबी की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनसे लोगों की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है और समाज में अस्थिरता का माहौल पैदा हुआ है। हालांकि भारतीय न्याय संहिता की धाराएं 298, 299 और 300 ऐसे मामलों से निपटती हैं, लेकिन इनमें दोषियों के खिलाफ कठोर सज़ा का पर्याप्त प्रावधान नहीं है।

गहन विचार-विमर्श और व्यापक सलाह-मशवरे के बाद भगवंत सिंह मान सरकार ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की पवित्रता की रक्षा करने और समाज में आपसी सम्मान, भाईचारे तथा सांप्रदायिक सौहार्द को बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया है।

इन अपराधों की गंभीरता को देखते हुए और धार्मिक पवित्रता तथा सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के उद्देश्य से मंत्रिमंडल ने ‘जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम-2008’ में संशोधन करने का निर्णय लिया है। इसके तहत प्रस्तावित ‘जगत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक-2026’ में बेअदबी के दोषियों के लिए उम्रकैद सहित सज़ाओं को और कड़ा किया गया है।
यह प्रस्तावित कानून दुर्भावनापूर्ण तत्वों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई सुनिश्चित करेगा और पंजाब में शांति, कानून-व्यवस्था तथा सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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