पंजाब में ED कर सकती है बड़ी कार्रवाई! मिले कई संकेत, बुकियों के छूटे पसीने

जालंधर : ई.डी. द्वारा हाल ही में लुधियाना, जालंधर, चंडीगढ़ और दिल्ली में कई जगहों पर की गई छापेमारी के साइड इफेक्ट देखने को मिल रहे हैं। इन छापों ने राजनीतिक नेताओं और उनके दो कारोबारी सांझेदारों को निशाना बनाया, जो दिखावे के तौर पर स्टॉक मार्केट और रियल एस्टेट सेक्टर में काम करते हैं, लेकिन असल में मैच फिक्सिंग की काली कमाई को एडजस्ट करने के लिए रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े हुए हैं।

इस बात का उल्लेख ईडी अधिकारियों की जारी रिपोर्ट में किया गया है। जिसके अनुसार ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि नेताओं द्वारा मैच फिक्सिंग के मास्टरमाइंड्स को संरक्षण दिया जा रहा था। यहां तक कि फर्जी कंपनियों के नाम पर हवाला लेन-देन के जरिए विदेशों में, खासकर दुबई में, अवैध पैसा ट्रांसफर किए जाने की चर्चा भी सामने आई है।

इस कैटेगरी में ईडी की रेड के दायरे में आए लोगों के साथ मिलकर आउटडोर विज्ञापन, सरकारी और निजी निर्माण तथा रियल एस्टेट कारोबार से जुड़ी कंपनियों के मालिक भी शामिल हैं। जिन्होंने संयुक्त रूप से बीआरएस नगर, ओरिएंट सिनेमा के पास, फिरोजपुर रोड, हम्बड़ा रोड, हवास, बड्डोवाल और हलवारा में कई रियल एस्टेट प्रोजेक्ट लॉन्च किए हैं।

ईडी आने वाले दिनों में कभी भी इनके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है, जैसा कि राजनीतिक नेताओं और अंतरराष्ट्रीय सट्टेबाजों के करीब माने जाने वाले एक डॉक्टर के मॉडल टाउन घर पर हुई रेड से संकेत मिलते हैं। इस कारण जिन लोगों ने इन सट्टेबाजों से ब्याज पर पैसे उधार लिए थे, वे भी चिंतित हैं और अपने फोन बंद कर भूमिगत हो गए हैं।

इन व्यक्तियों में दक्षिणी शहर क्षेत्र में नहर किनारे, बाइपास और फिरोजपुर रोड के कई प्रमुख बिल्डर और डेवलपर शामिल हैं। इनके अंतरराष्ट्रीय सट्टेबाजों की कंपनियों के साथ बड़े बैंक खाते हैं और उन्होंने अपनी जमीन उनके पास सुरक्षा के तौर पर रजिस्टर्ड कराई हुई है। मिली जानकारी के अनुसार इसकी शुरुआत राजपुरा में एक कंपनी की जांच से हुई।

 

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