महाविद्यालय शिक्षा के साथ सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों को भी कर रहा सुदृढ़ : डॉ. कृष्ण लाल मिड्डा

भिवानी : आदर्श महिला महाविद्यालय में आयोजित हुआ ‘सखी संगम’ एलुमनी मीट आयोजन न होकर हृदयतल को छुकर आजीवन याद रहने वाला अनुभव बन गया। विभिन्न सत्रों में सुव्यवस्थित रूप से संचालित देर रात तक चले हर सत्र ने अपनी अलग छाप छोड़ी। जिस शानदार अंदाज में इस आयोजन की शुरुआत हुई थी, उसी भव्यता और गरिमा के साथ उसका समापन भी किया गया। सुबह से शुरू हुआ उत्साह, उमंग और ऊर्जा का सिलसिला पूरे दिन निरंतर बना रहा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, संवाद सत्रों व सम्मान समारोह के माध्यम से यह आयोजन लगातार नई ऊंचाइयों को छूता रहा। जैसे-जैसे समय आगे बढ़ता गया, कार्यक्रम की रंगत और भी निखरती गई और रात तक पहुंचते-पहुंचते यह उत्साह अपने चरम पर नजर आया। भव्य समापन के साथ यह आयोजन न केवल यादगार बना, बल्कि सभी के मन में लंबे समय तक बनी रहने वाली मधुर स्मृतियां भी छोड़ गया। एलुमनी मीट के समापन समारोह में हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण लाल मिड्डा एवं लोहारू के विधायक राजबीर फरटिया मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. कृष्ण लाल मिड्डा ने कहा कि आदर्श महिला महाविद्यालय न केवल शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है, बल्कि इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से सामाजिक, सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों को भी सुदृढ़ कर रहा है। उन्होंने महाविद्यालय प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन छात्रों को अपने महाविद्यालय एवं अध्यापकों प्रति हमेशा कर्तव्यबोध के रूप में संजोकर रखते हैं।

वहीं लोहारू के विधायक राजबीर फरटिया ने अपने संबोधन में कहा कि आदर्श महिला महाविद्यालय ने महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक मिसाल कायम की है। उन्होंने कहा कि इस एलुमनी मीट के माध्यम से पूर्व छात्राओं की उपलब्धियों को साझा करना एक प्रेरणादायक पहल है। उन्होंने महाविद्यालय द्वारा आयोजित विभिन्न गतिविधियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह आयोजन शिक्षा के साथ-साथ गुरू-शिष्यों के एक-दुसरे के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है। प्राचार्या डॉ. अलका मित्तल, एलुमनी एसोसिएशन की अध्यक्ष डॉ. रेणु, महासचिव डॉ. मोहिनी, डॉ. रश्मि बजाज, बबीता चौधरी, इंदु शर्मा, डॉ. माया यादव, नेहा, प्रियंका जानागल, किरण नेगी, आंचल, ममता चौधरी, सुचिता सोनी, वैशाली, तान्या, तमन्ना गुप्ता, डॉ. रचना कौशिक, वंदना, सीमा सहित समस्त टीम ने कार्यक्रम को सफल बनाने में तत्परता से कार्य किया।

झलकिया:-
– 1976 बैच की उषा दहिया ने अपनी सखियों के साथ उस समय की अपनी कक्षा में बैठकर गॉशिप की और आपस में परिवारों एवं व्यवसायों से अलग होकर स्वयं के जीवन को जीया।
– 1970 से लेकर 2025 आमंत्रित बैच की पूर्व छात्राओं में से 1976 से लेकर 2002 तक की पूर्व छात्राओं की भागीदारी सबसे अधिक थी और उत्साह था।
– बुजुर्ग पूर्व छात्राओं में से अपनी सेवानिवृत प्राध्यापिकाओं से मिलकर खिल उठी और उनको मंच पर बैठाकर चरण वंदन किया गया और अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित कर आशीर्वाद लिया।
– पूर्व छात्राएं एवं वर्तमान छात्राओं के बीच में समन्वय स्थापित हुआ और उनसे प्रेरणा ली और वर्तमान छात्राएं पूर्व छात्राओं से ऑटोग्राफ लेती हुई दिखाई दी।
– पूर्व प्राचार्या डॉ. उर्मिल सिंगला एवं अलका शर्मा की उपस्थित ने पूर्व छात्राओं के मन को भावविभोर कर दिया। उन्होंने दोनों सेवानिवृत प्राचार्यों को गले लगाया और अपने संस्मरण सांझा किए।
– दुबई से आई रेणुका 45 वर्षों बाद अपनी सखियों से मिलकर इनती उत्साही थी कि वो नि:शब्द हो गई।
– इंदौर से आई 2010 बैच की रचना ने कहा कि सखियों से मिलकर कैंटिन के समोसे और संस्मरणों को याद करते हुए भावुक हो उठी।

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