रोमी सिंह/ रमोला न्यूज़
पंचकूला। वार्ड नंबर-4 सेक्टर 10 में भाजपा प्रत्याशी भारत हितैषी ने चुनावी शंखनाद कर दिया। चुनाव कार्यालय का शुभारंभ रविवार को किया गया। हवन यज्ञ के बाद सेक्टर-10 भारत माता के जयकारों से गूंज उठा। इस अवसर पर भाजपा के मेयर प्रत्याशी श्याम लाल बंसल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, हरियाणा फार्मेसी काउंसिल के चेयरमैन बीबी सिंगल, पूर्व मेयर कुलभूषण गोयल, जिला प्रधान अजय मित्तल, मंडल प्रधान प्रमोद कौशिक, वरिष्ठ नेता संजय आहूजा, युवा नेता रवीश गौतम, जिला उपाध्यक्ष युवराज कौशिक, मीडिया प्रभारी चंदन मिश्र, राजेश शर्मा, मुंशीराम अरोड़ा, लीलाधर सचदेवा सहित अन्य उपस्थित रहे। सभी लोगों ने एक साथ भारत हितैषी को जीताने का प्रण लिया। सभी नेताओं ने कहा कि यह चुनाव राष्ट्रवादियों एवं अवसरवादियों के बीच है। राष्ट्रवादी हमेशा जीतता है।
इस अवसर पर भारत हितैषी ने कहा कि पिछले 35 वर्षों से जनता के बीच हूं। चुनाव एक राजनीतिक संघर्ष है, लेकिन किसी के बारे में अपशब्द बोलकर चुनाव नहीं जीते जाते। दो दिन पहले हमारे वार्ड के पूर्व पार्षद एवं उनके पति द्वारा एक कार्यक्रम में मेरे और मेरे परिवार के बारे में बहुत ही घटिया बातें कही गई। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को टारगेट किया गया। भाजपा के बारे में भी बहुत कटाक्ष किया गया, लेकिन मैं उन्हें बता दूं कि भाजपा एक विचारधारा है। वह हर चीज सोच-समझकर तय करती है। मैं एक साधारण व्यक्ति हूं। मेरा कोई राजनीति गुरु नहीं था, लेकिन फिर भी पार्टी ने इतने बड़े वार्ड से एक साधारण बूथ अध्यक्ष को टिकट देने का फैसला किया, तो यही भाजपा की असली ताकत है कि वह एक आम कार्यकर्ता को राष्ट्रीय अध्यक्ष बना सकती है, उसे देश का प्रधानमंत्री बना सकती है, तो क्या एक कार्यकर्ता को पार्षद नहीं बना सकती। जो आज भाजपा को कोस रहे हैं, उनका इतिहास पूरा पंचकूला जानता है। भारत हितैषी ने कहा कि कुछ नेता पहले कांग्रेस फिर, इनेलो, फिर कहीं और तो ऐसे लोगों का कोई स्टैंड नहीं होता। यह किसी पार्टी या जनता के नहीं होते। इनको सिर्फ और सिर्फ कुर्सी की भूख होती है। जहां कुर्सी नहीं मिली, वहां ही लात मारकर दूसरी जगह हो जाते हैं। मैं आपको बताना चाहता हूं कि मेरा परिवार हमेशा जनसंघ और आरएसएस से जुड़ा रहा। मैं पार्टी का समर्पित कार्यकर्ता हूं। मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष ने मुझे स्वयं इंटरव्यू लेकर कई घंटे मंथन के बाद टिकट देकर भेजा है। मैं आपके आर्शीवाद से इस सेक्टर 9 और 10 को आदर्श वार्ड बनाऊंगा। जो विकास कार्यों को करवाने का दावा कर रहे हैं, उनके बारे में पार्टी हाईकमान के पास कई इनपुट थे, इसलिए उनकी टिकट काटी गई। टिकट कटने से पहले पार्टी को ब्लेकमेल करने की कोशिश की गई, लेकिन वह ध्यान रखे कि पार्टी किसी से डरती नहीं , वह संघर्ष करती है और जीतती है।
भारत हितैषी की बेटी सुमन हितैषी ने कहा कि आज मैं पहली बार किसी राजनीतिक मंच पर खड़ी हूं। यहां आना मेरा कोई शौक नहीं है, बल्कि परिस्थितियों ने मुझे मजबूर किया है। जब मेरे और मेरे पिता को निशाना बनाया गया, तब मुझे लगा कि अब चुप रहना ठीक नहीं। मैं हमेशा अपने पिता के साथ खड़ी रही हूं। हजारों कार्यक्रमों में उनके साथ गई हूं, लेकिन आज से पहले कभी मंच से बोलने की जरूरत नहीं पड़ी। लेकिन जब एक साधारण कार्यकर्ता को टिकट मिला, तो कुछ स्वयंभू बाहुबलियों को परेशानी होने लगी। वे हमें डराने और धमकाने की कोशिश कर रहे हैं। मैं उनसे पूछना चाहती हूं—क्या बेटियां किसी का परिवार नहीं होतीं? यहां इतनी बड़ी संख्या में लोग मौजूद हैं, क्या आपकी बेटियां आपका परिवार नहीं हैं? हर बेटी दो परिवारों का मान और सम्मान होती है। मेरे पिता का बेटा नहीं है, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि उनका कोई सहारा नहीं है। मैं उनकी बेटी भी हूं और बेटा भी हूं। और मैं आपको विश्वास दिलाती हूं—हम डरने वालों में से नहीं हैं। हमारी विनम्रता को हमारी कमजोरी समझने की भूल मत कीजिए। स्वयंभू बाहुबली ने मेरे पिता के घुटनों में समस्या का भी मंच से मजाक बनाया, बोला कि उससे तो चला भी नहीं जाता। जो लोग हमारे बुजुर्गों के बारे में अपमानजनक बातें करते हैं, उन्हें जनता कभी माफ नहीं करेगी। बुजुर्ग हमारे समाज की जड़ होते हैं, वे वटवृक्ष की तरह हमें छाया देते हैं। उनका अनुभव और आशीर्वाद ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।
चेयरमैन बीबी सिंगल ने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता कुर्सी के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रवाद के लिए काम करते हैं। जो अवसरवादी होते हैं, वह कुछ दिन के लिए पार्टी में आते हैं और मतलब निकलने के बाद चले जाते हैं। भारत हितैषी को भाजपा ने उम्मीदवार बनाया है, तो पूरा संगठन उनके साथ मिलकर काम करेगा।
