रोमी सिंह/ रमोला न्यूज़
पंचकूला , 6 मई : श्री अजय कुमार घनघस, सीजेएम-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एडीआर केंद्र, जिला न्यायालय पंचकूला ने बताया कि सदस्य सचिव, हलसा श्री जगदीप सिंह लोहान के निर्देशों के अनुसार, विवादों के सौहार्दपूर्ण निपटारे के लिए 9 मई को जिला न्यायालय परिसर, पंचकूला और उप-मंडल न्यायालय, कालका में राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जाएगी।
श्री अजय कुमार घनघस ने बताया कि ट्रैफिक शाखा, पंचकूला के प्रभारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिसंबर 2025 तक के ऑनलाइन ट्रैफिक चालान उक्त लोक अदालत के दौरान निपटाए जाएंगे।
उन्होने बताया कि आम जनता को सलाह दी गई है कि वे अपने चालान के निपटारे के लिए न्यायालय के समक्ष उपस्थित हों और जुर्माना अदा करने के बाद, न्यायालय से चालान की रसीद प्राप्त करें। इसके बाद, चालान को ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट करने और निपटाने के लिए रसीद को चालान शाखा, सेक्टर-12, पंचकूला में जमा करना अनिवार्य है। लोगों से आग्रह किया गया है कि वे अपने लंबित ट्रैफिक चालान के त्वरित निपटारे के इस अवसर का लाभ उठाने के लिए बड़ी संख्या में आगे आएं।
उन्होंने आगे बताया कि ऐसे मामलों की सुचारू सुनवाई और निपटारे को सुविधाजनक बनाने के लिए, विशेष रूप से बार काउंसिल, पंचकूला के अधिवक्ताओं के लिए एक विशेष ऑनलाइन चालान हेल्प डेस्क स्थापित किया जाएगा। मामलों के कुशल और प्रभावी निपटारे को सुनिश्चित करने के लिए अध्यक्ष, डीएलएसए पंचकूला की मंजूरी से राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए पीठों का गठन किया गया है।
इसके अतिरिक्त, वादकारियों का मार्गदर्शन करने और लोक अदालत में उनके मामलों को संदर्भित करवाने में उनकी सहायता करने के लिए जिला न्यायालय पंचकूला और उपायुक्त कार्यालय, पंचकूला के परिसर में हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। इस लोक अदालत में सभी प्रकार के मामले, जिनमें दीवानी, आपराधिक (समझौता योग्य), वैवाहिक, बैंक वसूली, मोटर दुर्घटना दावे, श्रम विवाद, बिजली और पानी के बिल, तथा मुकदमे-पूर्व मामले शामिल हैं, निपटाए जाएंगे।
श्री घनघस ने बताया कि अधिवक्ताओं और पैरा लीगल वालंटियर्स को विधिक जागरूकता शिविरों और विधिक सहायता क्लीनिकों के माध्यम से आम जनता के बीच जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे लोगों को लोक अदालत के माध्यम से समझौता करने के लिए प्रेरित करें, जो विवादों का त्वरित, किफायती और सौहार्दपूर्ण समाधान प्रदान करती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोक अदालत द्वारा दिए गए निर्णय अंतिम होते हैं, संबंधित पक्षों पर बाध्यकारी होते हैं, और उन्हें दीवानी न्यायालय की डिक्री का दर्जा प्राप्त होता है, जिनके विरुद्ध अपील का कोई प्रावधान नहीं होता।
उन्होंने आगे बताया कि नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 (चेक बाउंस के मामले) के तहत आने वाले मामलों के लिए दो विशेष लोक अदालतें 30 मई 2026 और 18 जुलाई 2026 को जिला न्यायालय, पंचकूला में आयोजित की जाएंगी। इन विशेष अभियानों के दौरान चेक अनादरण (चेक बाउंस) के अधिकतम मामलों को सुनवाई के लिए लिया जाएगा, और उनके प्रभावी निपटारे के लिए विशेष पीठों का गठन किया जाएगा।
उन्होंने सभी वादियों, अधिवक्ताओं और आम जनता से अपील की कि वे आगामी लोक अदालतों में सक्रिय रूप से भाग लें और विवाद समाधान की इस प्रभावी वैकल्पिक व्यवस्था का अधिकतम लाभ उठाएं।
