देश की राजधानी दिल्ली से एकदम सटे हए उत्तर भारत के महत्वपूर्ण राज्य हरियाणा में आईआईटी तक नहीं- दीपांशु बंसल 

 

रोमी सिंह/ रमोला न्यूज़

  पंचकूला 24 मई:

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस छात्र इकाई एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीपांशु बंसल एडवोकेट ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को ज्ञापन भेज कर एचएमटी कंपनी पिंजौर में 300 एकड़ से अधिक खाली पड़ी जमीन पर आईआईटी (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान) की स्थापना करने की मांग की है। दीपांशु बंसल एडवोकेट ने कहा कि यह विडंबना ही है कि प्रदेश की राजधानी चंडीगढ़ से लेकर देश की राजधानी दिल्ली को तीन ओर से घेरे हुए हरियाणा ही देश भर में शिक्षा क्षेत्र में एकमात्र ऐसा पिछड़ा हुआ राज्य है जिसका कोई अपना आईआईटी संस्थान नहीं है। दीपांशु बंसल एडवोकेट ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2009 में देश के छोटे से राज्य हिमाचल प्रदेश में आईआईटी की स्थापना हुई थी जबकि पंजाब में आईआईटी की स्थापना 2008 में कर दी गई थी। जबकि हरियाणा के गुरुग्राम, मानेसर, फरीदाबाद सहित हरियाणा राज्य के आसपास के हिमाचल, पंजाब और दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्र में आईआईटी के छात्रों की अधिक डिमांड रहती है। ऐसे में न केवल हरियाणा के छात्रों के शिक्षा का स्तर बढ़ेगा बल्कि लाखों छात्रों के लिए रोजगार के नए विकल्प खुलेंगे।

छात्र नेता दीपांशु बंसल एडवोकेट ने कहा कि हरियाणा में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) की अनुपस्थिति को लेकर अब छात्रों और शिक्षाविदों की चिंता खुलकर सामने आने लगी है। देश की राजधानी दिल्ली से सटे होने और शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे राज्य होने के बावजूद हरियाणा में अब तक कोई आईआईटी संस्थान स्थापित नहीं हो पाया है। इससे राज्य के हजारों मेधावी छात्रों को उच्च तकनीकी शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता है, जिससे उन पर आर्थिक और मानसिक दबाव बढ़ रहा है।

दीपांशु बंसल एडवोकेट ने कहा कि हरियाणा से हर वर्ष बड़ी संख्या में छात्र जेईई परीक्षा पास करते हैं लेकिन राज्य में आईआईटी न होने के कारण उन्हें पंजाब, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान या अन्य राज्यों में जाना पड़ता है। इससे मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त खर्च का बोझ पड़ता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्य की राजधानी चंडीगढ़ से सटे हुए एचएमटी कंपनी पिंजौर में यदि आईआईटी स्थापित हो जाए तो तकनीकी शिक्षा, शोध और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में दीपांशु बंसल एडवोकेट ने कहा कि एचएमटी की लगभग 446 एकड़ भूमि लंबे समय से अनुपयोगी पड़ी है इसमें से केवल 78 एकड़ जमीन पर एप्पल मंडी बनाई गई है शेष जमीन अभी भी खाली पड़ी है जिसका उपयोग राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थान के लिए किया जा सकता है। पिंजौर का भौगोलिक स्थान भी काफी उपयुक्त माना जा रहा है, क्योंकि यह चंडीगढ़, पंचकूला और दिल्ली जैसे प्रमुख शहरों से बेहतर कनेक्टिविटी रखता है। यह चंडीगढ़ शिमला नेशनल हाईवे पर स्थित है और साथ ही रेलवे की कनेक्टिविटी भी है।

दीपांशु बंसल एडवोकेट ने कहा कि आईआईटी बनने से न केवल हरियाणा बल्कि आसपास के राज्यों के छात्रों को भी लाभ मिलेगा। साथ ही क्षेत्र में उद्योग, रिसर्च और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

दीपांशु बंसल ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने अपने लगभग 12 वर्ष के कार्यकाल में अभी तक प्रदेश के स्कूलों को बंद करने का ही काम किया है शिक्षा को बढ़ावा देने की और कोई कदम नहीं उठाया है जबकि हरियाणा प्रदेश के किसान और प्रदेश के युवाओं ने देश ही नहीं बल्कि विश्व भर में अपनी प्रतिभा का लोहा बनवाया है लेकिन तमाम उपलब्धियां के बीच एक सवाल आज भी प्रदेश के लोगों के मन में कौंध रहा है कि देश के सबसे प्रतिष्ठित तकनीकी शिक्षण संस्थान आईआईटी की सूची में अब तक हरियाणा का नाम क्यों नहीं जुड़ पाया है। दीपांशु बंसल एडवोकेट ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के निर्देशौ की पालना करते हुए तुरंत एचएमटी की खाली पड़ी 300 एकड़ भूमि पर आईआईटी संस्थान की स्थापना करने का प्रस्ताव बना कर केंद्र सरकार को भेजें।

दीपांशु बंसल एडवोकेट ने कहा कि आईआईटी स्थापित होने से राज्य को कई बड़े प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष फायदे होंगे विशेष कर आर्थिक रूप से पिछड़े हुए कालका विधानसभा जो अर्ध पहाड़ी क्षेत्र है इससे न केवल कालका विधानसभा में रोजगार के साधन बढ़ेंगे बल्कि राज्य की आर्थिक सामाजिक और राजनीतिक छवि को भी मजबूती प्रदान होगी। सबसे बड़ा लाभ राज्य की ब्रीडिंग को होता है आईआईटी होने से राज्य की पहचान तकनीकी और उच्च शिक्षा के केंद्र के रूप में बनेगी इससे बड़े उद्योग और निवेशक भी हरियाणा राज्य की ओर आकर्षित होंगे, देश और विदेशी कंपनियां भी ऐसे राज्यों में निवेश करना पसंद करती हैं जहां आईआईटी जैसा उच्च तकनीकी शिक्षण संस्थान मौजूद हो। क्योंकि वहां पर उन्हें प्रशिक्षित मानव संसाधन और रिसर्च सहयोग आसानी से उपलब्ध होता है। इससे औद्योगिक विकास और रोजगार दोनों बढ़ते हैं इसके अलावा आईआईटी राज्य की शिक्षा नीति और कौशल विकास को भी मजबूती प्रदान करता है।

दीपांशु बंसल एडवोकेट ने कहा कि पिंजौर एचएमटी की जमीन पर यदि आईआईटी संस्थान की स्थापना होती है तो इसके आसपास के इंजीनियरिंग कॉलेज और विश्वविद्यालय का शैक्षणिक स्तर भी सुधरेगा, रिसर्च और स्टार्टअप प्रणाली विकसित होने से राज्य तकनीकी रूप से अधिक प्रगतिशील बनेगा है इससे व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेगी जिनमें होटल, परिवहन, कोचिंग बाजार, रियल एस्टेट व सेवा बाजार क्षेत्र का भी विस्तार होगा। जिससे हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे। केवल स्थानीय लोगों की ही नहीं बल्कि हरियाणा प्रदेश की भी स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और जीएसटी, स्टैंप ड्यूटी, प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन और अन्य टैक्स के जरिए सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।

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