लेफ्टिनेंट जनरल हरजीत सिंह साही ने संभाला पश्चिमी कमान के चीफ ऑफ स्टाफ का कार्यभार

 

सोनिका भाटिया/ रमोला न्यूज

चंडीगढ़

लेफ्टिनेंट जनरल हरजीत सिंह साही ने मंगलवार को चंडीमंदिर सैन्य स्टेशन स्थित पश्चिमी कमान मुख्यालय में चीफ ऑफ स्टाफ का पदभार ग्रहण किया। उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल पुनीत आहूजा का स्थान लिया है, जिन्हें सेना मुख्यालय में डायरेक्टर जनरल स्ट्रैटेजिक प्लानिंग नियुक्त किया गया है।

पंजाब पब्लिक स्कूल, नाभा और भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून से शिक्षा प्राप्त लेफ्टिनेंट जनरल साही को दिसंबर 1988 में राजपूत रेजिमेंट की 23वीं बटालियन में कमीशन मिला था। वर्तमान में वे राजपूत रेजिमेंट के कर्नल भी हैं।

उन्हें उत्तरी, पश्चिमी और पूर्वी क्षेत्रों के साथ-साथ सियाचिन ग्लेशियर में भी लंबा परिचालन अनुभव हासिल है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा और काउंटर इंसर्जेंसी फोर्स (किलो) में अपनी बटालियन और इन्फैंट्री ब्रिगेड की कमान संभाली। इसके अलावा वे भारतीय सेना की सबसे बड़ी 3 कोर का नेतृत्व भी कर चुके हैं, जिसकी जिम्मेदारी पूर्वी सीमाओं, भारत-म्यांमार सीमा और उत्तर-पूर्व के कई राज्यों तक फैली हुई है।

मई 2023 में मणिपुर में हुए जातीय तनाव के दौरान उन्होंने अपने क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी।

इससे पहले वे आर्मी वॉर कॉलेज, महू के कमांडेंट के रूप में सेवाएं दे रहे थे। उनके कार्यकाल में सैन्य शिक्षा को आधुनिक जरूरतों और तकनीकी बदलावों के अनुरूप ढालने के लिए कई पहल की गईं। उनके नेतृत्व में संस्थान को 15 जनवरी 2026 को “चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ यूनिट अप्रिसिएशन” सम्मान मिला।

लेफ्टिनेंट जनरल साही सेना मुख्यालय में अतिरिक्त महानिदेशक सैन्य संचालन और महानिदेशक सूचना युद्ध जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी निभा चुके हैं। उन्होंने डीएसएससी वेलिंगटन, हायर कमांड कोर्स और राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय, नई दिल्ली सहित कई प्रतिष्ठित सैन्य पाठ्यक्रम पूरे किए हैं। उनके पास दो एमफिल डिग्रियां और रक्षा एवं सामरिक अध्ययन में मास्टर डिग्री भी है।

विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल, उत्तम युद्ध सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, युद्ध सेवा मेडल और सेना मेडल से सम्मानित किया जा चुका है।

पदभार संभालने के बाद उन्होंने वीर स्मृति युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की और परिचालन तैयारियों, क्षमता विकास तथा सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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